आस्था और प्रकृति को समर्पित महापर्व छठ पर बाजार में महंगाई पर लोक आस्था पड़ी भारी
मोतिहारी।आस्था और प्रकृति को समर्पित महापर्व छठ को लेकर सजे बाजार में महंगाई पर लोक आस्था भारी पड़ रही है।छठ पूजा में लगने वाले सामग्री डाला,सूप के साथ फल,फूल,मिट्टी के बर्तन और अन्य समानों का बाजार विभिन्न स्थानों पर सज गया है।जहां छठ पर्व के समानों की खरीददारों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।मोतिहारी में मीना बाजार,बलुआ चौक,जानपुल,छतौनी,हिन्दी बाजार सहित सड़क पर सैकड़ों अस्थायी दुकानें लगी है।जहां छठव्रती छठ के समानों की खरीददारी के लिए पहुंच रहे हैं। अन्य वर्षों की अपेक्षा समानों की बढ़ी कीमत के बावजूद महंगाई पर आस्था भारी है और श्रद्धालु मोलभाव कर केला,सेव,नारंगी अरूआ,सुथनी,बोरी,अदरख,हल्दी का पौधा,ईख,सिंदूर, अरखपात और मिट्टी के दीप और अन्य समानों की खरीददारी कर रहे हैं।
रविवार को छठ के समानों की खरीददारी को लेकर श्रद्धालुओं खास उत्साह देखा गया।फल समेत पूजन के अन्य सामाग्री के लिए विभिन्न बाजारो में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।वहीं छठ पर बनने वाले प्रसाद ठेकुआ के लिए छठव्रतियों द्वारा सुखाए गए गेहूं की पिसाई के लिए आटा चक्की मिल में भी श्रद्धालुओं की सुबह से ही कतार लगी रही।

लोक आस्था का महापर्व छठ पूरी तरह से प्रकृति को समर्पित है और प्रकृति द्वारा प्रदत्त फल फूल और अन्य समानों के साथ भगवान भास्कर की पूजा अर्चना के साथ मनाया जाता है। हिन्दी पट्टी क्षेत्र सहित आज पूरे देश में छठ के प्रति लोगों में आस्था बढ़ी है और चार दिनों का यह अनुष्ठान नहाय खाय के साथ ही शनिवार से शुरू हो गया और आज रविवार की रात को व्रतियो ने नेउज निकालकर खरना पूजा किया।जहां छठ व्रती फल फूल खीर का साथ पूजा अर्चना कर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत की शुरुआत करेंगी।फिर सोमवार को नदी,तालाब और पोखर में पानी में खड़े होकर भगवान भास्कर की आराधना करते हुए डूबते हुए सूर्य और फिर अगले दिन मंगलवार को उगते हुए सूर्य अर्थात भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान करेंगे।
छठ को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।घाटों के निर्माण से लेकर रोशनी और साफ सफाई की व्यवस्था की जा रही है।पूरा वातावरण छठ के गीतों से गुंजायमान है।बाजार में छठ को लेकर विशेष चहल पहल है।छठ को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

