पेपरलेस रजिस्ट्री के विरुद्ध कातिबों का हड़ताल जारी, नहीं हो रही जमीन की रजिस्ट्री
पेपरलेस व्यवस्था के बीच रजिस्ट्री कार्यालयों में सन्नाटा
मोतिहारी/बनकटवा। पूर्वी चपारण अवस्थित सभी निबंधन कार्यालय के निबंध कातिबो की बेमियादी हड़ताल को लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
सरकार ने पेपरलेस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है नतीजतन निबंधन कार्यालय से जुड़े कातिबों की रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। जिला अवर निबंधन कार्यालय सहित अन्य निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री करने वालों को आंदोलन में शामिल कातिबो के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। फलस्वरुप रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
17 अगस्त से ही निबंधन का कामकाज प्रभावित है। वहीं छौड़ादानों सहित अन्य निबंधन कार्यालय से जुड़े कातिब समयानुकूल कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन क्रेता-विक्रेता रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय आने के बाद प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वापस लौट रहे हैं। मोतिहारी कातिब संघ के मो.एयाज व छौडादानो कातिब अध्यक्ष पारस प्रसाद ने बताया कि 17 अगस्त से छौड़ादानों निबंधन कार्यालय में अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
प्रतिदिन लगभग 80 दस्तावेजों का निबंधन होता था। अचानक निबंधन प्रक्रिया प्रभावित होने से न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकार के राजस्व पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
अवर निबंधन पदाधिकारी छौड़ादानों मोहन मंडल ने कहा कि पेपरलेस सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और विभाग सरकार के निर्णय के अनुसार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग पेपरलेस व्यवस्था को लेकर कार्यालय पहुंचे और उनसे बातचीत कर उनकी समस्या को समझने तथा सहयोग करने का प्रयास किया गया।
अधिकारी के अनुसार कार्यालय जनता को सेवा देने के लिए तैयार है और जो भी व्यक्ति सेवा लेने आएगा, उसे नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं मौके पर अध्यक्ष पारस प्रसाद, सचिव देव चंद्र प्रसाद, कामेश्वर तिवारी, जैनुल आवेदीन, शेख शमीउल्लाह, चुन्नू लाल प्रसाद, सुरेश सिंह, प्रमोद प्रसाद कुशवाहा, अजय श्रीवास्तव, काम शाजमा खां सहित कई कातिब मौजूद थे।

