‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सरस्वती विद्या मंदिर में गूंजा ‘वन्दे मातरम्’
-एसएसबी के जवानों ने किया पौधरोपण, राष्ट्रप्रेम और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रक्सौल। भारत सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बुधवार को शहर के विवेकानन्दपुरी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम्’ सभी छन्द का गायन कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। कार्यक्रम में एसएसबी की 47वीं वाहिनी के कमांडेंट बजरंग सिंह, अधिकारी कुंदन सिंह सहित करीब 50 जवानों की उपस्थिति रही। विद्यालय परिवार एवं स्थानीय गणमान्य लोगों की मौजूदगी में लगभग 50 तिरंगों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी। एसएसबी के जवानों ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए राष्ट्रध्वज के सम्मान, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।
सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गायन के बाद विद्यालय परिसर में एसएसबी के जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये। जवानों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रप्रेम के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
एसएसबी कमांडेंट बजरंग सिंह ने कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों से बना राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता, त्याग, शौर्य और गौरव का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम के संस्कार विकसित करना देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। पौधरोपण को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण और समाज की रक्षा भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ भारतीय जनमानस में राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाने वाला अमर राष्ट्रगीत है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक गायन के माध्यम से राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान व्यक्त करना गौरवपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना विद्यालय का दायित्व है। कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक डॉ. प्रो. राजकिशोर सिंह, समाज सेविका मीरा कुशवाहा, प्रधानाचार्य प्रेम रंजन पटेल, विद्यालय के आचार्य-आचार्या, भैया-बहनों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।

