उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह, 114 दिनों में 47 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह, 114 दिनों में 47 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
Facebook WhatsApp

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की चुनौतियों के बीच चारधाम यात्रा लगातार जारी है। यात्रा शुरू होने के 114 दिनों में अब तक 47 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं।

प्रदेश सरकार के अनुसार, 10 अगस्त तक कुल 47,02,703 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस बार 4.68 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वर्ष 2025 में समान अवधि में यह संख्या करीब 42,34,147 थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र 24 घंटे अलर्ट मोड पर है और सभी जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की गई है।

उन्होंने कहा कि चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सहायता के लिए सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक बद्रीनाथ में 16,12,112, केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री धाम में 6,62,347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब में 2,40,499 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं।मौसम खराब रहने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15,376 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए। इनमें सर्वाधिक 9,559 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे। केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

बदरीनाथ धाम में इस यात्रा वर्ष अब तक 16,12,112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सरकार के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बद्रीनाथ में 3,50,192 अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वर्ष 2025 में यात्रा शुरू होने के 110 दिनों में बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 12,61,280 थी।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page