पटना मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात बाधित न हो, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पथ निर्माण विभाग के कार्यों एवं प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की।बैठक में राजधानी पटना में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के मद्देनजर नेहरू पथ (बेली रोड) पर यातायात को सुगम और निर्बाध बनाए रखने की व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को आवागमन में न्यूनतम असुविधा हो। इसके लिए पथ निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां मेट्रो निर्माण के कारण यातायात प्रभावित होने की संभावना है, वहां समय रहते वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर उन्हें आवागमन के अनुकूल बनाया जाए। साथ ही सड़क किनारे की गतिविधियों को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि यातायात बाधित न हो। मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ पर उपयुक्त वेंडिंग जोन की पहचान करने का भी निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग, पटना मेट्रो से जुड़ी एजेंसियों, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ट्रैफिक प्रबंधन, वैकल्पिक मार्ग, आवश्यकतानुसार सड़क चौड़ीकरण तथा अन्य यातायात सुधार कार्यों की समग्र कार्ययोजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजधानी में विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। पटना मेट्रो निर्माण के दौरान नेहरू पथ सहित प्रभावित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम समयबद्ध ढंग से उठाए जाएं।
बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी ने जानकारी दी कि नेहरू पथ पर 11 स्ट्रेच चिन्हित किए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित स्थलों का निरीक्षण कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप यातायात सुधार के उपाय किए जाएं। जहां जरूरत हो वहां सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन सुधार, बॉटलनेक हटाने और अन्य आवश्यक कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं, ताकि यातायात का सुचारु संचालन बना रहे।

