धनकुबेर इंजीनियर के ठिकानो पर छापेमारी,पटना में 2 आलीशान फ्लैट, नगद,आधा किलो सोना और 21 बैंक खाते मिले

धनकुबेर इंजीनियर के ठिकानो पर छापेमारी,पटना में 2 आलीशान फ्लैट, नगद,आधा किलो सोना और 21 बैंक खाते मिले
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पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में गुरुवार को सासाराम के लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के दानापुर, मुजफ्फरपुर, सासाराम, डेहरी आन सोन और बांका के छह ठिकानों पर छापामारी की।

इसमें 500 ग्राम सोने के आभूषण, नौ लाख नकद, इको स्पोर्ट गाड़ी, बाइक के साथ फ्लैट एवं जमीन में निवेश से संबंधित कागजात बरामद किए गए हैं। कार्यपालक अभियंता के नाम पर विभिन्न बैंक खातों एवं फिक्स डिपोजिट के 21 बैंक पासबुक मिले जिसमें लगभग 25 लाख की राशि जमा थी।

इस राशि को फ्रीज करा दिया गया है। एक बैंक लाकर भी मिला है, जिसकी तलाशी अभी नहीं ली गई है। तलाशी के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एवं अन्य बीमा कंपनियों में निवेश से संबंधित 17 पॉलिसियां मिली हैं, जिसमें निवेशित की गई राशि की जानकारी जुटाई जा रही है।

कार्यपालक अभियंता के बच्चों की शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च की गई है, जिसकी जानकारी जांच एजेंसी जुटा रही है।कार्यपालक अभियंता ने अपने सेवाकाल में पटना के दानापुर में दो आलीशान एवं भव्य फ्लैट खरीदे हैं, जहां ईओयू ने छापामारी की है। वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 405 और वीनस इम्पायर अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 1301 की सजा-सज्जा पर बड़ी राशि खर्च की गई है।

ईओयू फ्लैट खरीद से लेकर सजावट पर हुए खर्चे की भी जांच कराएगी। प्राथमिक जांच में कार्यपालक अभियंता के पास एक करोड़ 19 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी मिली है। यह उनके ज्ञात आय से 85 प्रतिशत अधिक है। इसको लेकर ईओयू ने कांड भी दर्ज किया है।

दानापुर के वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 405, दानापुर के वीनस इम्पायर अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 1301, मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल, सासाराम में कार्यपालक अभियंता के कार्यालय, डेहरी आन सोन का सरकारी आवास और बांका के रजौन थाना अंतर्गत पीपराडीह गांव स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की गई।

कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी सरकारी सेवा में मार्च 2014 में आए। उनकी पहली पोस्टिंग सहायक अभियंता (असैनिक) के रूप में हुई। इसके बाद वह औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, नवादा, किशनगंज, पटना आदि में पदस्थापित रहे।

anand prakash

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