तीन माह के लिए सभी कार्यों का माइक्रो प्लान तैयार कर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंः डीएम
-स्वास्थ्य विभाग की मैराथन मीटिंग में अलग-अलग चलाए जा रहे योजनाओं की विस्तार पूर्वक समीक्षा की
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में सदर अस्पताल स्थित आरोग्य भवन सह पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक हुई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने साफ-साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों की अगले तीन माह के लिए माइक्रो प्लान बनाकर लक्ष्य निर्धारित करें, साथ ही लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएं। फलस्वरूप स्वास्थ्य परिसर में आने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई कठिनाई नहीं हो। जाहिर है कि सरकार सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होने ओपीडी, आईपीडी, एएनसी, संस्थागत प्रसव, मातृत्व स्वास्थ्य, टीकाकरण सहित आयुष्मान कार्ड के अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार,सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. एस. एन. सत्यार्थी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सहित सदर अस्पताल के सभी वरीय चिकित्सा अधिकारी,पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य सहयोगी स्टाफ उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि ओपीडी में माह अप्रैल से जून तक कुल 16,10,401 पंजीकरण किया गया। सर्वाधिक पंजीकरण सीएचसी मेहसी में लक्ष्य के 115 प्रतिशत रक्सौल में लक्ष्य के 108 प्रतिशत पाया गया। जबकि सुगौली सीएचसी और रामगढ़वा पीएचसी में लक्ष्य के 50 प्रतिशत से भी कम उपलब्धि पाई गई। माह अप्रैल से जून तक 92,700 लोगों का आईपीडी रजिस्ट्रेशन हुआ। आईपीडी रजिस्ट्रेशन के मामले में रामगढ़वा पीएचसी 130 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर पाया गया। एएनसी की समीक्षोपरांत जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम एएनसी कब शुरू हुआ और फोर्थ एएनसी तक कितने लोग पहुंचे, इसका पूरा विवरण रखा जाए।
वहीं निर्देश दिया की क्रमवार संख्या नहीं घटे, इस पर ध्यान दिया जाए। समीक्षा में पाया गया की फर्स्ट एएनसी में जहां 90 प्रतिशत उपलब्धि रही वहीं फोर्थ एएनसी तक 63 प्रतिशत उपलब्धि पाई गई, जबकि इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी इसमें से मात्र 29 प्रतिशत का ही हो पाया। जिलधिकारी ने कहा कि सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आशा के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा करें एवं जरूरी कदम उठाएं।
सी सेक्शन डिलीवरी की समीक्षा में पाया गया कि सदर अस्पताल मोतिहारी में अप्रैल से लेकर जून माह तक 333 ऑपरेशंस हुए हैं चकिया और रक्सौल में क्रमशः 18 और 13 ऑपरेशंस में हैं, जबकि अन्य किसी भी पीएचसी अथवा सीएससी में कोई ऑपरेशन नहीं किया गया है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट की एवं उपलब्ध संसाधन के आलोक में सभी जगह इसे शुरू करने का निर्देश दिया गया।
डेंगू की समीक्षा में पाया गया कि इस वर्ष डेंगू का प्रकोप जिला में ज्यादा नहीं है। वर्ष 2023 में जहां 455, वर्ष 2024 में 199, वर्ष 2025 में 68 मरीज डेंगू के पाए गए थे। वहीं अभी तक 2026 में मात्र चार डेंगू के मरीज मिले हैं, जिसमें दो तुरकौलिया प्रखंड में, एक केसरिया और एक चिरैया से मिले हैं। डेंगू के फॉकिंग के लिए फागिंग मशीन उपलब्ध है एवं फागिंग भी कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिस पीएचसी के पास फागिंग मशीन नहीं है, वहां तुरंत क्रय कर लें और रेगुलर इंटरवल पर फागिंग की व्यवस्था कराएं।
आयुष्मान कार्ड में अभी तक 14,81,759 आयुष्मान कार्ड जनरेट किए गए हैं।आयुष्मान कार्ड जनरेशन के मामले में अरेराज नंबर वन, रक्सौल नंबर 2 एवं हरसिद्धि प्रखंड नंबर तीन पर कायम है। इस मामले में बंजरिया, सुगौली और कल्याणपुर प्रखंड की स्थिति सबसे कमतर पाई गई। जिलाधिकारी ने इस कार्य में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। गया।

