पीपराकोठी के किसान अब बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटे
– रैयती भूमि पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल निर्माण का जोरदार विरोध करेंगे किसान
पीपराकोठी। पीपराकोठी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। अंचल कार्यालय द्वारा रैयती एवं दावेदार किसानों को जारी आपत्ति नोटिस के विरोध में किसानों ने बैठक कर संघर्ष का ऐलान किया।
कन्हैया प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 26 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना तथा उनकी मांगों को प्रशासन एवं सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाना बताया गया।
इस अवसर पर किसानों ने कहा कि सरकार के पास लगभग 300 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है। बावजूद इसके मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 25 एकड़ रैयती भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाना बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। किसानों का कहना था कि जब पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, तब निजी भूमि का अधिग्रहण कहीं से उचित नहीं है। साफ शब्दों में कहा कि किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में राजेश प्रसाद कुशवाहा, मनोज कुमार, रघुनाथ प्रसाद, रितेश गुप्ता, वरुण प्रसाद, अरुण प्रसाद, ददन शर्मा, रामाशीष महतो सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

