100 दिन पूरे होने पर सम्राट चौधरी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, 11,464 करोड़ की 2,476 विकास योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपनी सरकार के ‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राज्य की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार सरकार जनता की सरकार है और सरकार का प्रत्येक निर्णय जनहित, सुशासन तथा राज्य के सर्वांगीण विकास को समर्पित रहा है।उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने सरकार पर जो भरोसा जताया है, उसे पूरा करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
पटना स्थित बीआईटी मेसरा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के विजन को साकार करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में 100 दिन तक जनता की सेवा करने का अवसर उनके लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 100 दिनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, निवेश और आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनसे विकसित बिहार की मजबूत नींव रखी गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 11,464 करोड़ रुपये की लागत से 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, उद्योग, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे राज्य के संतुलित एवं समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज स्थापित हुए थे, जबकि उनकी सरकार ने एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इसके अलावा राज्य के 551 विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाया गया है और डिजिटल शिक्षा तथा आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान के बाद अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर एआई एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय तथा शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर आर्किटेक्चर एवं इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। कर्पूरी ठाकुर संस्थान में रिसर्च सेंटर का भी निर्माण कराया जाएगा।सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 12 नई टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है और आगामी 20 नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, उद्योग और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। पटना में 26 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तैयार किया जा चुका है और अगले तीन वर्षों में राज्य में लगभग 200 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव विकसित किया जाएगा, जिससे करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार में 25 चीनी मिलें शुरू की जाएंगी। वैशाली के राजापाकर में इंडस्ट्रीज एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें 20 से 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है और लगभग एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इसके अलावा गयाजी में लगभग 3,000 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के तहत डेडिकेटेड स्टील प्लांट हब विकसित किया जाएगा। गंडक और कोसी नदी के किनारे कॉरिडोर विकसित करने तथा अभियान चलाकर एक करोड़ लोगों को राशन कार्ड से जोड़ने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में जीविका टावर का निर्माण महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र के रूप में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा उपलब्ध हो सके।सम्राट चौधरी ने कहा कि टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जाएंगे। साथ ही बिहार में हेली-टूरिज्म के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों पर आधारित पत्रिका एवं कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया। इसके साथ ही परिवहन, उद्योग, सूचना एवं जनसंपर्क, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन तथा गन्ना उद्योग विभाग की प्रमुख नीतियों पर आधारित पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में सरकार के 100 दिनों के कार्यों पर आधारित वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की 11,464 करोड़ रुपये की 2,476 विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग और माइक्रोसॉफ्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग तथा एचपीसीएल एवं आईओसीएल के बीच भी एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत फिजीशियन, ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा मुख्यमंत्री का हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत करने से हुई। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव तथा ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया।

