दलित परिवार पर एसिड अटैक से पिता पुत्री की मौत मामले में नामजद अभियुक्त को आजीवन कारावास
मोतिहारी।अनुसूचित जाति/जनजाति न्यायालय के विशेष न्यायाधीश कमलेश कुमार मिश्रा ने एसिड अटैक मामले में पिता पुत्री की मौत व माता पुत्र के गंभीर रूप से घायल हो जाने मामले में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं दो लाख पांच हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।
अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा मुजफ्फरपुर जिला के साहेबगंज थानान्तर्गत गिद्या गांव निवासी रामजी भगत के पुत्र महेश भगत को हुई। मामले में चकिया थाना कांड संख्या 187/2023 दर्ज हुआ था। जिसमें पिपरा थाना के चकबरा बखरी निवासी मृतक रेमन पासवान की पत्नी शीला देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कही थी कि 22 मई 2023 की रात्रि वह अपने पति एवं दो बच्चों के साथ घर में सोई हुई थी। रात्रि करीब 12 बजे नामजद अभियुक्त सीढ़ी के सहारे घर में प्रवेश कर गया तथा वह सूचिका के पति पर एसिड पटा दिया।
एसिड से सूचिका सहित उसके दोनों बच्चे एवं पति गंभीर रूप से घायल होकर छटपटाने लगे। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को चकिया अनुमण्डलीय अस्पताल लाए। जहां से गंभीर हालत में मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां तीसरे दिन सूचिका की पुत्री रिया तीन वर्ष की मौत हो गई। वहीं सूचिका एवं उसके पति पीएमसीएच पटना बेहतर ईलाज के लिए भेजे गए। जहां सूचिका के पति रेमन पासवान की मौत हो गई। एक वर्ष ईलाज के बाद सूचिका अपने एक मात्र पुत्र पवन कुमार के साथ घर वापस हुई।
सूचिका ने प्राथमिकी में बताई थी कि घटना के चार पांच रोज पहले महेश भगत उसके घर आया था तथा जबरदस्ती सूचिका को अपने साथ चलने के लिए जोर दे रहा था। जिसको लेकर सूचिका के पति एवं नामजद अभियुक्त के बीच कहा सुनी हुई थी।
पुलिस के आरोप पत्र समर्पित करने के साथ ही विशेष न्यायालय में स्पीडी ट्रायल शुरू हुआ। अनुसूचित जाति/जनजाति वाद संख्या 72/2023 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने दस गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने धारा 448,454,324,326(ए),307,302 भादवि एवं 3(2) वी ए अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए है।
सभी सजाएं साथ साथ चलेगी। दंड की राशि वसूल पाए जाने पर सूचिका को देय होगी। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता एवं एसिड अटैक से घायल रेमन पासवान एवं उसके पुत्री रिया कुमारी की मौत के बाद सूचिका एवं उसके पुत्र पवन कुमार को वास्तविक पीड़ित घोषित करते हुए बिहार प्रतिकर स्कीम के तहत मुआवजा राशि के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को आदेश की प्रति भेजने का आदेश निर्गत किए।

