सुगौली के नगर पंचायत के विसुनपुरवा में बांध की स्थिति खराब
डीएम-एसपी ने स्थिति का लिया जायजा
आलाधिकारियों के जायजा से भयाक्रांत लोगों में बढ़ा विश्वास
सुगौली। सिकरहना नदी के जलग्रहण क्षेत्र नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण सिकरहना नदी के जलस्तर में चढ़ाव-उतार जारी है, फिलहाल जलस्तर में कमी देखने को मिल रही है। जाहिर है नेपाल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश नहीं हुई तो संभावित बाढ़ टल जायेगा। अलबत्ता सुगौली प्रखंड क्षेत्र में कई जगह नदी की धारा ने चिंता बढ़ा दी है। तटबंध के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय के साथ ही अलर्ट है।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने प्रशासनिक महकमे के साथ मंगलवार को सुगौली पहुंचे।
बाढ संभावित स्थानो और तटबंधो की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त तटबंध,आसपास के गांवों की और जल प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल एहतियातन कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जानमाल की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा के बाद विभागों को आवश्यक मशीनरी, संसाधन और राहत दल, हर समय तैयार रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निबटा जा सके।
डीएम ने कटाव प्रभावित इलाकों पर विशेष नजर रखने और जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी ग्रामीणों से मिले, उनकी समस्याएं सुनीं। वहीं ग्रामीणों ने तटबंध को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग रखते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता की मांग की। ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।
निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी नूतन किरण, पुलिस निरीक्षक मुन्ना कुमार, थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित कर्मी मौजूद थे।
जाहिर है कि लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की सक्रियता से राहत की उम्मीद को बल मिला है। अब कार्यों में तेजी आएगी। ऐसे में अब स्थानीय लोगों की निगाहें इस ओर टिकी हैं कि तटबंध की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य कितनी जल्दी पूरी की जाती है।

