उप विकास आयुक्त ने परिवार नियोजन जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
-जनसंख्या स्थिरता दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में परिवार नियोजन कार्यक्रम मेला का उद्घाटन
मोतिहारी। नसंख्या स्थिरता दिवस के उपलक्ष्य में परिवार नियोजन पर जन समुदाय में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पूर्वी चम्पारण जिला अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एवं जिला अस्पताल में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया। जबकि 11 से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा की शुरुआत का उद्घाटन डॉ. प्रदीप कुमार डीडीसी. एवं सिविल सर्जन दिलीप कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार उप विकाश आयुक्त ने कहा की परिवार नियोजन के प्रति योग्य दंपतियों को जागरूक करना, परामर्श उपलब्ध करना बढ़ती जनसंख्या पर रोक हेतु बेहद जरूरी है। इन्हीं लाभ को आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल में ओपीडी के बाहर भी महिला को बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी के बारे में जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाकर परिवार नियोजन के बारे में परामर्श दिया जा रहा है।
वहीं डॉ. दिलीप कुमार सिंह सिविल सर्जन ने बताया की गर्भवस्था के दौरान मां स्वास्थ्य रहे, इसके लिए दो बच्चों के बीच अंतराल की आवश्यकता है। इसलिए सभी दम्पतियों को इस विषय पर जागरूक होने की जरूरत है, जिससे अनचाहे गर्भ को रोका जा सके।
सिविल सर्जन एवं उपाधीक्षक सदर अस्पताल ने कहा कि सदर अस्पताल के साथ ही जिले सरकारी अस्पतालों में महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी निःशुल्क कराई जाती है। उन्होंने कहा कि महिला बंध्याकरण से पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया सरल है। पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है।
नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपए एवं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2000 रुपए की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। इसके साथ अस्थाई साधन में जिला अस्पताल मोतीहारी में नये गर्भनिरोधक के साधन इमप्लान्ट प्रत्येक दिन प्रशिक्षित स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा लगाया जाता है। यह तीन वर्षों तक काम करता है इससे एक बच्चे से दूसरे बच्चों के बीच आसानी से तीन वर्षों का अंतराल किया जा सकता है।
डीसीएम नंदन झा ने कहा की युवक युवतियों का सही समय पर विवाह होना चाहिए। दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर होना जरूरी है। इसके लिए आशा के द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है। सास बहू सम्मेलन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया की जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम चलाए जा रहें है। इसके दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बैनर, पोस्टर, माइकिंग द्वारा लोगों को सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, बच्चों के बीच सही अंतर तथा छोटा परिवार के लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है।वहीं गर्भनिरोधक उपायो को अपनाने हेतु भी परामर्श दिया जा रहा है।
इसके सफल संचालन हेतु सांसद, विधायक, पंचायती राज संस्था के सदस्य, शहरी स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य कर्मी एवं सिविल सोसायटी के सदस्य के साथ ही प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया चैनलों का सहयोग लिया जा रहा है। मौके पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सीएस डॉ. दिलीप कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. एस. एन. सत्यर्थी, डीसीएम नंदन झा, अस्पताल प्रबंधक कौशल दुबे, जिला प्रबंधक पी.एस.आई. इंडिया अमित कुमार, जिला समन्वयक सी 3 आदित्य राज, जननी सूर्या क्लिनिक के प्रतिनिधि दीपक कुमार एंव समरेन्द्र ठाकुर व अन्य लोग उपस्थित थे।

