ऐतिहासिक भकुआ ब्रहम बाबा स्थान इलाके में नो-मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर आम नागरिकों के साथ प्रशासन की बैठक
रक्सौल।शहर के तुमड़ीया टोला स्थित ऐतिहासिक भकुआ ब्रहम बाबा स्थान इलाके में नो-मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद के बीच गुरूवार को सामाजिक लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक हुई।
जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार के साथ-साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद, कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार व सशस्त्र सीमा बल के पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान बताया गया कि भकुआ ब्रहम स्थान पर पहले से स्थित देवी मंदिर नो-मेंस लैंड के दायरे में है, इस मंदिर को हटाना आवश्यक है।जिसका स्थानीय लोगों ने पहले विरोध किया और बताया कि भकुआ ब्रहम स्थान का इतिहास रक्सौल के स्थापना काल से पहले का है, इस स्थान से रक्सौल के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
इस स्थान पर किसी तरह का छेड़छाड़ किया जाता है तो इससे दैविक प्रकोप का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, कुछ लोगों यह भी मानना था कि भकुआ ब्रहम स्थान के देवी मंदिर को उसी कैंपस में किसी दूसरे निर्धारित पर प्राण प्रतिष्ठा करते हुए फिर से निर्माण कराया जाए और प्रशासन का सहयोग करते हुए नो-मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाया जाए। आम सहमति के लिए एक प्रक्रिया तय की जाए. हालांकि, गुरूवार को हुए वार्ता में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकल सका है।
यहां बता दे कि नो-मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाने को लेकर गृह मंत्रालय भारत सरकार को एक रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा भेजी गई है, जिसके आलोक में भारत-नेपाल से सटे नो-मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि आम सहमति के लोगों के साथ एक बैठक हुई है, जिसमें मंदिर को उसी कैंपस में दूसरे स्थान पर ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है। मौके पर रामनिवास भारती, पुरूषोत्तम कुमार, विरेन्द्र प्रसाद, जितेन्द्र दत्ता, रंजीत श्रीवास्तव, मो. नुरूल्लाह खान, रंजीत सिंह, रवि मस्करा, हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान सहित अन्य मौजूद थे।

