अधिवक्ता लिपिक संघ ने कल्याण अधिनियम लागू किए जाने की मांग से संबंधी ज्ञापन सांसद को सौंपा
मोतिहारी।सर्किट हाउस में जिला विधिज्ञ लिपिक संघ, व्यवहार न्यायालय के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद व पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह को बिहार में अधिवक्ता लिपिक कल्याण अधिनियम लागू किए जाने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संघ ने बताया कि बिहार के लाखों अधिवक्ता लिपिक न्यायालयों की न्यायिक प्रक्रिया में अधिवक्ताओं के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा न्याय दिलाने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
बावजूद उनके लिए अबतक किसी प्रकार की विधिक एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी कल्याणकारी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल एवं ओडिशा जैसे राज्यों में अधिवक्ता लिपिक कल्याण अधिनियम लागू है। वर्ष 2022 में इस विषय पर बिहार सरकार के विधि विभाग द्वारा बिहार राज्य बार काउंसिल से प्रतिवेदन मांगा गया था।
इसके उपरांत बिहार राज्य बार काउंसिल ने अपने प्रस्ताव प्रस्ताव संख्या- 71/2022 के माध्यम से बिहार में अधिवक्ता लिपिक कल्याण अधिनियम लागू किए जाने पर सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई हेतु अपनी अनुशंसा विधि विभाग को भेजी थी। बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। ज्ञापन प्राप्त करने के उपरांत सांसद श्री सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि अधिवक्ता लिपिक न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं।
उनके हितों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े इस विषय को संबंधित स्तर पर गंभीरतापूर्वक उठाया जाएगा तथा बिहार सरकार एवं संबंधित विभाग के समक्ष इस मांग को उचित रूप से रखा जाएगा, ताकि इस दिशा में सकारात्मक पहल हो सके।

