किशोरी अपहरण मामले में एक को पांच वर्षों का सश्रम कारावास
मोतिहारी। सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश रजनीश रंजन ने एक किशोरी के अपहरण किए जाने मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को पांच वर्षों का सश्रम कारावास एवं सत्तर हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है। अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं सजा की राशि वसूल पाए जाने पर राशि पीड़िता को देय होगी। न्यायाधीश ने पीड़िता को पीड़ित घोषित करते हुए उसे कंपनसेशन देने का भी आदेश दिए है।
सजा फेनहारा निवासी बच्चा अंसारी के पुत्र आफताब अंसारी को हुई है। मामले में पीड़िता के पिता ने फेनहारा थाना कांड संख्या 46/2023 दर्ज कराया था। जिसमें अभियुक्त सहित तेरह नामजद किए गए थे। जिसमें कहा गया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को नामजद लोग अपहरण कर लिए थे। पीड़िता के बरामदगी व न्यायालय में बयान के बाद पुलिस ने अनुसंधान कर आफताब अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया था तथा अन्य के विरुद्ध अनुसंधान जारी रखा।
पॉक्सो वाद संख्या 75/23 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक कुमार शिवशंकर सिंह ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 363, 366(ए),504,506 भादवि एवं 8 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए है।

