मधेश ट्रैवल मार्ट–2026 का समापन
-भारतीय पर्यटन बाजार से मधेश को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
रक्सौल /वीरगंज।नेपाल पर्यटन बोर्ड एवं जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में, नाट्टा मधेश प्रदेश के समन्वय तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से आयोजित चार दिवसीय “मधेश ट्रैवल मार्ट–2026” का सफल समापन जनकपुरधाम स्थित पौवा होटल में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम में नेपाल एवं भारत के विभिन्न शहरों से आए 200 से अधिक पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटरों, पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स एवं पर्यटन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बीरगंज स्थित सरोवर पोर्टिको होटल में हुआ, जहां बैठक, पैनल डिस्कशन एवं “मेयर नाइट” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नाटा मधेश प्रदेश के अध्यक्ष एवं संयोजक मोहन शर्मा लामिछाने ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका के उपप्रमुख भोला प्रसाद अधिकारी रहे।

मौके पर भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय मीणा ने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि पशुपतिनाथ ,मुक्तिनाथ,मनोकामना,जानकी मंदिर और गढ़ी माई जैसे धार्मिक एवं रमणीय स्थलों के कारण भारत एवं नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं।उन्होंने ये भी कहा कि भारत नेपाल के बीच बेटी रोटी का संबंध है और इस आत्मीय संबंध को और ऊंचाई पर ले जानी की जरूरत है।हम दोनों देश पारस्परिक एवं एक दूसरे के साथ आत्मीय सहयोग की आकांक्षा रखते हैं।
इसके पश्चात प्रतिभागियों को मधेश प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया।भारत और नेपाल के पर्यटन व्यवसायियों,उद्योगपतियों, पत्रकारों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को सीमापार पर्यटन सहयोग का बड़ा मंच बना दिया।नेपाल पर्यटन बोर्ड के कार्यकारी प्रमुख हिम्मत सिंह ऐर,बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि प्रसाद गौतम,उपाध्यक्ष माधव राजपाल,कोशी प्रदेश नाटा के अध्यक्ष पुण्य प्रसाद भट्टराई,बिहार टूरिज्म एसोसिएशन के टीम लीडर साकेत राय,भारतीय पर्यटन व्यवसायी सचिन शर्मा के साथ दोनों देशों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में मोहन शर्मा ने कहा कि भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया गया।पर्यटकों की आवाजाही बिना किसी परेशानी के हो,एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी ही मुख्य उद्देश्य है।उद्घाटन यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने गढ़ी माई मंदिर,पर्सा नेशनल पार्क , सिद्धबाबा हाइकिंग रूट , तुलेश्वर महादेव मंदिर तथा जानकी मंदिर का अवलोकन किया। जनकपुर में आयोजित भव्य गंगा आरती एवं मिथिला संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों ने सभी आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
मधेश ट्रैवल मार्ट का मुख्य उद्देश्य मधेश प्रदेश के आठों जिलों की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को भारतीय पर्यटन बाजार से जोड़ना तथा भारतीय पर्यटकों को मधेश की पर्यटन संभावनाओं से परिचित कराना था। रक्सौल, पटना, दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वाराणसी, अयोध्या एवं कोलकाता सहित भारत के विभिन्न शहरों से आए प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना की।वहीं ठोरी गांवपालिका के लाल बहादुर श्रेष्ठ ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के साथ पर्यटक अनुकूल व्यवहार की आवश्यकता जताई।
इस मौके पर भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद् , रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने संयुक्त रूप से बताया कि मधेश ट्रैवल मार्ट–2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पर्यटन केवल भ्रमण नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था, विरासत और आर्थिक विकास को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम है। साथ ही भारत – नेपाल पर्यटन एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मौके पर मोतिहारी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष अंगद सिंह ,अरविंद सर्राफ, राजीव विजडम एवं अनुपम जायसवाल समेत बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

