निर्विरोध चुने गए बिहार विधान परिषद के सभी 10 उम्मीदवार
पटना। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर नामांकन करने वाले सभी उम्मीदवार निर्विरोध एमएलसी चुन लिए गए, जिसमें भाजपा से 4, जदयू से 4, एलजेपी-आर से 1 और राजद से 1 उम्मीदवार शामिल हैं। नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए, ऐसे में मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ी और उम्मीदवारों की जीत पर सीधे मुहर लग गई।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों, जिनमें 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और 1 सीट पर उप चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होने वाले थे, लेकिन बुधवार 11 जून को नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। जदयू से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद, भाजपा से भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह, संजय मयूख, शीला पंडित और अनिल ठाकुर, एलजेपी-आर से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील कुमार सिंह को निर्विरोध निर्वाचित एमएलसी घोषित किया गया है। आपको बता दें कि बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर सभी उम्मीदवारों ने नामांकन 8 जून को किया था।
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर बिहार की मौजूदा राजनीतिक ताकत का संकेत दिया है। एनडीए ने 9 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि महागठबंधन को मात्र 1 सीट से संतोष करना पड़ा। निर्विरोध निर्वाचित 10 सदस्यों में जदयू और भाजपा का दबदबा साफ दिखाई दिया। जदयू के चार और भाजपा के चार उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि एलजेपी-आर के एक उम्मीदवार को भी सफलता मिली। विपक्ष की ओर से केवल राजद का एक उम्मीदवार ही जीत हासिल कर सका। इस चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया कि बिहार विधान सभा के मौजूदा संख्या बल का असर बिहार विधान परिषद चुनाव में भी देखने को मिला।
विधान परिषद चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह की जीत को लेकर रही। दोनों की जीत पर मुहर लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।

