डीसीएलआर के फर्जी आदेश से दाखिल-खारिज कराने के मामले साइबर संचालक समेत दो गिरफ्तार
मोतिहारी। सदर अंचल में जालसाजी कर दाखिल-खारिज कराने का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने साइबर कैफे संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।घटना की बाबत छतौनी थाना को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि भूमि उप-समाहर्ता के न्यायालय का फर्जी आदेश आनलाइन अपलोड कर भूमि संबंधी दाखिल-खारिज कराया गया।इस फर्जीवाड़े को शहर के भवानीपुर जिरात स्थित एक साइबर कैफे में अंजाम दिया गया।
लिहाजा इस मामले में साइबर कैफे संचालक समेत दो लोगो को गिरफ्तार करने के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर 1 दिलीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार साइबर कैफे संचालक भवानीपुर जिरात मोहल्ला के दिनेश्वर प्रसाद व उसका भतीजा अनिकेत कुमार है। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। उसके कैफे से प्रिंटर, कम्प्यूटर सहित अन्य डिवाइस को जब्त किया है। सभी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस की जांच-पड़ताल की जा रही है।
उल्लेखनीय है,कि इस फर्जीवाड़े के खिलाफ शिकायत के बाद भूमि उप समाहर्ता के आदेश पर छतौनी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गई है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार अंचल सदर में दाखिल-खारिज वाद संख्या 3932/2025-26 एवं 3933/2025-26 के सत्यापन के दौरान यह मामला उजागर हुआ।
आरोप है कि भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर न्यायालय के कथित फर्जी अपीलीय आदेश को ऑनलाइन अपलोड कर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जांच में सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ तथा अधिकारी के हस्ताक्षर की कथित फर्जी प्रति के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।इसके बाद चिकपट्टी के बीबी खातून, खोदानगर के साहेब कुरैसी, मो रेहान कुरैसी, जमला के रहमान अहमद के अलावा साई कम्युनिकेशन के संचालक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
छापेमारी में छतौनी इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार पासवान सहित थाना के अन्य पदाधिकारी के अलावा जिला आसूचना इकाई की टीम शामिल थी। पुलिस गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

