झरोखर सीमा चौकी से राष्ट्रीय चेतना यात्रा को उप कमांडेंट ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

झरोखर सीमा चौकी से राष्ट्रीय चेतना यात्रा को उप कमांडेंट ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
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बनकटवा। भारत-नेपाल सीमा स्थित झरोखर सीमा चौकी के पास रविवार को 71वीं वाहिनी एसएसबी, मोतिहारी के कार्यक्षेत्र में राष्ट्रीय चेतना कार्यक्रम के तहत “अपनी माटी अपना देश” अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय चेतना यात्रा का शुभारंभ किया गया।

40 विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों के दल को उप कमांडेंट सतीश कुमार गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गांधी जी की कर्मभूमि पूर्वी चम्पारण से प्रारंभ हुई यह यात्रा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में राष्ट्रप्रेम, एकता एवं राष्ट्रीय चेतना का संचार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

कमांडेंट  प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में आयोजित इस यात्रा के माध्यम से प्रतिभागी देश के विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक महत्व के स्थलों का भ्रमण करेंगे। राष्ट्रीय चेतना यात्रा 31 मई को झरोखर, घोड़ासहन से प्रारंभ होकर केसरिया, वाल्मीकिनगर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, दिल्ली, हरिद्वार और अटारी बॉर्डर तक पहुंचेगी। कार्यक्रम का समापन अटारी बॉर्डर पर होगा। इसके बाद 11 जून को पटना में प्रतिभागी विभिन्न राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे और फिर मोतिहारी लौटेंगे।

उप कमांडेंट सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह यात्रा केवल पर्यटन नहीं बल्कि भारत की समृद्ध विरासत, विविध संस्कृति, विकास और राष्ट्रीय एकता को समझने का एक स्वर्णिम अवसर है। “मेरी माटी मेरा देश” अभियान के तहत आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में अपनी मिट्टी के प्रति जुड़ाव तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।उप कमांडेंट ने सशस्त्र सीमा बल के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1963 में ‘स्पेशल सर्विस ब्यूरो’ के रूप में इसकी स्थापना की गई थी। वर्ष 2001 में इसे गृह मंत्रालय के अधीन लाकर भारत-नेपाल एवं भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व सौंपा गया तथा इसका नाम बदलकर “सशस्त्र सीमा बल” कर दिया गया।

राष्ट्रीय चेतना यात्रा के शुभारंभ अवसर पर ज्ञान ज्योति स्कूल घोड़ासहन के निदेशक  प्रेम प्रकाश, शिक्षक  धर्मेंद्र कुमार, कार्यक्रम प्रभारी मो. निजामुद्दीन, झरोखर थानाध्यक्ष  असलम अंसारी, नेपाल एपीएफ के  राजेंद्र सैनी सहित 71वीं वाहिनी एसएसबी के अधिकारी, जवान, सीमावर्ती ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

anand prakash

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