लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोहपूर्वक मनी 

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोहपूर्वक मनी 
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-भारत विकास परिषद के सदस्यों ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला 

रक्सौल। भारत विकास परिषद, शाखा-रक्सौल के तत्वावधान में रविवार को लोकमाता पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई । शहर के लक्ष्मीपुर स्थित एक वैंक्वेट हॉल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में परिषद सदस्यों ने लोकमाता के आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने की। वहीं महिला सहभागिता संयोजिका  मेनका गुप्ता के नेतृत्व में दीप प्रज्ज्वलन एवं वन्दे मातरम् गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात भारत माता एवं लोकमाता पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी।

इस अवसर पर रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का व्यक्तित्व एवं कृतित्व उन्हें विश्व की महानतम महिलाओं की श्रेणी में स्थापित करता है। मालवा की महारानी के रूप में उन्होंने सुशासन, धर्म संरक्षण, जनकल्याण एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। उनका जीवन आज भी समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।

जबकि मेनका गुप्ता ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय नारी शक्ति, मातृत्व, करुणा एवं नेतृत्व क्षमता की अनुपम प्रतीक थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, धैर्य और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए आदर्श शासन एवं लोक कल्याण का स्वर्णिम इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने सिद्ध किया कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी सशक्त धुरी है। 

संचालक सुनील कुमार ने कहा कि वे भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, सेवा एवं लोककल्याण की सशक्त पीढ़ी थी।

वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा एवं समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। शाखा सचिव नरेश कुमार एवं विजय कुमार ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई शिवभक्ति, परोपकार और लोकसेवा की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं। इतिहास में उल्लेख मिलता है कि वे सदैव अपने साथ शिवलिंग रखती थीं तथा अपने सिंहासन पर भी उसे विराजमान करती थीं। उन्होंने उत्तर में बद्रीनाथ से दक्षिण में रामेश्वरम् तथा काशी विश्वनाथ से सोमनाथ तक अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं एवं तीर्थस्थलों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कर सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित किया।

कार्यक्रम में  मेनका गुप्ता, रजनीश प्रियदर्शी, नरेश कुमार, योगेन्द्र प्रसाद, सुनील कुमार, उमेश सिकरिया, अजय कुमार, सुनील कुमार, विनोद कुमार, विजय कुमार साह ,विनोद रौनियार, सुरेश धानोठिया, दिनेश प्रसाद, संतोष कुमार, अमरेन्द्र कुमार, मंदीप कुमार, शरद सर्राफ एवं प्रतीक कुमार सहित बड़ी संख्या में शाखा सदस्य उपस्थित थे। इसकी  जानकारी शाखा के सम्पर्क संयोजक उमेश सिकरिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी है।

anand prakash

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