बिहार हरित जलवायु कोष का गठन एक दूरदर्शी पहल: विजय कुमार चौधरी
पटना।बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के चलते बिहार सहित पूरे देश में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा ‘बिहार हरित जलवायु कोष’ का गठन एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम है।उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस कोष के अंतर्गत विभिन्न स्रोतों से राशि एकत्र की जाएगी। इसमें स्वैच्छिक अंशदान, कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत प्राप्त अनुदान, विभिन्न कार्य विभागों के अनुबंधों पर 0.25 प्रतिशत, खान रॉयल्टी पर 0.5 प्रतिशत तथा नए वाहनों के पंजीकरण पर 01 प्रतिशत सेस शामिल होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस निधि का उपयोग राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नीति केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है, बल्कि इसका उद्देश्य भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना भी है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार शुरू से ही जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों के प्रति संवेदनशील रहा है। उन्होंने वर्ष 2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जुलाई तक पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण राज्य में भीषण सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस चुनौती को देखते हुए उस वक्त के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की शुरुआत की थी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। राज्य में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि ‘बिहार हरित जलवायु कोष’ का गठन उसी सोच का विस्तार है, जो राज्य को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस कोष के माध्यम से संचालित योजनाओं से भविष्य में बिहार की जलवायु अधिक संतुलित, स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनेगी।

