बंजरिया प्रखंड को बाढग्रस्त घोषित करने की मांग हुई तेज,मुखिया संघ ने सीओ को सौपा ज्ञापन
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में बीते 4 अक्टूबर को हुई अतिवृष्टि के बाद बंजरिया प्रखंड में सिकरहना नदी के साथ ही उसकी सहायक दुधौरा,बंगरी व तिलावे सहित कई नेपाली नदियों का तांडव शुक्रवार छठे दिन भी जारी रहा।
अक्टूबर माह में आई इस भीषण त्रासदी से फसलो को बड़े पैमाने पर क्षति हुई है।लिहाजा अब बंजरिया प्रखंड को बाढग्रस्त घोषित करने की मांग तेज होने लगी है।इसको लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह पचरूखा मध्य पंचायत के मुखिया सलावतुल्लाह उर्फ आदिल राणा व सिसवा पश्चिमी पंचायत के मुखिया पति नंदलाल प्रसाद उर्फ नंदू जी के नेतृत्व में प्रखंड के सभी 12 पंचायत के मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधियो का शिष्टमंडल अंचलअधिकारी रोहन रंजन सिंह को ज्ञापन सौपा है।

जिसमे कहा गया है,कि बंजरिया प्रखंड में खरीफ फसल की कटाई और रबी फसल की बुवाई शुरू होने के चंद दिन पूर्व आई विनाशकारी बाढ़ ने किसानो को कमर तोड़ कर रख दी है।पूरा बंजरिया प्रखंड इस भीषण त्रासदी को झेल रहा है।बाढ व जलजमाव से न केवल खरीफ फसल की बर्बादी हुई है,बल्कि रबी फसलो की बुवाई पर भी ग्रहण लग गया है।

पशुपालक किसानो के समक्ष चारे की गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रखण्ड के कई गांवो का जिला मुख्यालय से सम्पर्क भंग हो चुका है।नाव की व्यवस्था नही होने लोग जान जोखिम में डालकर आने जाने को विवश है।
प्रखंड के मोखलिसपुर,लमौनिया, गोबरी,सेमरा,पचरुखा, ब्रह्मपुरी व खैराघाट जानेवाली सडक पानी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गई है।ऐसे में जिला प्रशासन और सरकार बंजरिया प्रखंड को बाढ ग्रस्त घोषित कर तत्काल प्रभाव से बाढ राहत सहायता अनुदान के तहत मिलने वाली अनुदान राशि के साथ ही किसानो को हुए फसल क्षति की अनुदान देने की व्यवस्था करे।

उल्लेखनीय है,कि मुखिया संघ इस मांग को लेकर शनिवार डीएम को भी ज्ञापन सौपेगी।शिष्टमंडल में पचरूखा मध्य के मुखिया सलावतुल्लाह,अजगरी के मुखिया पति दीपक सिंह,सिसवा पश्चिमी के मुखिया माया देवी,सिसवा पूर्वी मुखिया तान्या प्रवीण,चैलाहां मुखिया पति जिकुरूल्लाह,पचरूखा पूर्वी के मुखिया अरशद अली,फुलवार उत्तरी के मुखिया पति मदन यादव,रोहिनिया के मुखिया प्रेमशीला देवी,फुलवार दक्षिणी के मुखिया रितुदेवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।

