डाक विभाग और फ्लिपकार्ट ने देशभर में पार्सल डिलीवरी सेवाओं के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए

डाक विभाग और फ्लिपकार्ट ने देशभर में पार्सल डिलीवरी सेवाओं के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए
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नई दिल्ली। डाक विभाग (संचार मंत्रालय) और फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार को देशभर में पार्सल डिलीवरी सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए।संचार मंत्रालय के अनुसार नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के पार्सल निदेशालय के महाप्रबंधक नीरज कुमार झा और फ्लिपकार्ट के वाणिज्यिक निदेशक हरविंदर कपूर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत डाक विभाग पूरे भारत में फ्लिपकार्ट शिपमेंट के लिए अंतिम मील डिलीवरी सेवाएं प्रदान करेगा। फ्लिपकार्ट इस समझौते के तहत अब दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में पार्सल पहुंचाने के लिए इंडिया पोस्ट के व्यापक नेटवर्क का उपयोग करेगा। इस सेवा के तहत प्रीपेड और कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) दोनों तरह के पार्सल की डिलीवरी की जाएगी। सुरक्षा के लिए ओटीपी (ओटीपी) आधारित डिलीवरी प्रमाणीकरण और रियल-टाइम शिपमेंट ट्रैकिंग की सुविधा भी मिलेगी। तेज डिलीवरी, बेहतर परिचालन समन्वय और निर्बाध प्रौद्योगिकी एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि पार्सल की आवाजाही को कुशल बनाया जा सके। इसके अलावा इस साझेदारी से भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस साझेदारी के माध्यम से फ्लिपकार्ट को डाक विभाग के 1.6 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त होगी। इससे कंपनी को बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने, वितरण दक्षता में सुधार करने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी।

दूसरी ओर, इस सहयोग से डाक विभाग के पार्सल व्यवसाय को भी काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उसके वितरण नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। यह कदम डाक विभाग को डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप एक अग्रणी लॉजिस्टिक्स संस्था के रूप में स्थापित करने के प्रयासों का हिस्सा है।

इस अवसर पर डाक विभाग के मुख्य महाप्रबंधक (पार्सल और सीसीएस निदेशालय) अदनान अहमद और फ्लिपकार्ट के कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक डिप्पी वंकानी सहित दोनों संगठनों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

anand prakash

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