अवैध कारतूस रखने के मामले में युवक को दो साल की सजा,12 बोर के छह जिंदा कारतूस हुए थे बरामद
मोतिहारी। प्रथम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रसेनजीत सिंह ने अवैध रूप से आर्म्स का कारतूस रखने के मामले में एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए दो वर्षों के सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सजा गोविंदगंज थाना क्षेत्र के पिपरा निवासी बच्चा शर्मा के पुत्र रोहित शर्मा उर्फ रोहित कुमार को सुनाई गई। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय कुमार द्वारा गोविंदगंज थाना कांड संख्या 345/2022 दर्ज कराया गया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 9 जुलाई 2022 की संध्या पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहित शर्मा अवैध आर्म्स की खरीद-बिक्री का कार्य करता है तथा उसके घर में हथियार और कारतूस छिपाकर रखे गए हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शाम करीब सात बजे उसके घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान अभियुक्त के पास से 12 बोर के छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की।
वाद विचारण के दौरान लोक अभियोजन पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने आधा दर्जन गवाहों की गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 25 (1-बी)(ए)/26 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई है।

