चंपारण के कलाकारो ने प्रदर्श कला में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर का किया अभिनंदन

चंपारण के कलाकारो ने प्रदर्श कला में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर का  किया अभिनंदन
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  • मेरा यह सम्मान बंद हो चुकी दुकान की मिठाई का सम्मान है:प्रसाद रत्नेश्वर

मोतिहारी।रोशनाई फाउण्डेशन के तत्वावधान में रविवार को एलएनडी कॉलेज के सभागार में प्रदर्श कला में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले वरीय रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर का अभिनंदन जिला के रंगकर्मियों, कलाकारों और साहित्यकारों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर रोशनाई फाउंडेशन के सचिव गुलरेज शहजाद ने प्रसाद रत्नेश्वर का परिचय देते हुए कहा कि चंपारण के 150 वर्ष के प्रदर्श कला के इतिहास में किसी भी रंगकर्मी को यह सम्मान प्राप्त नहीं हुआ है।बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा प्रदर्श कला के लिए प्रसाद रत्नेश्वर जी को राष्ट्रीय स्तर मिला यह सम्मान हम सबके लिए गौरव की बात है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मास मीडिया के छात्र आकाश कुमार ने संक्षिप्त एकल नाटक प्रस्तुत किया।

वही प्रसाद रत्नेश्वर ने अपने उद्बबोधन में अपने जीवन संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि आज जो सम्मान मुझे मिला है,यह आप सबका सम्मान है। उन्होंने चंपारण में रंगमंच के वर्तमान स्थित पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मेरा यह सम्मान बंद हो चुकी दुकान की मिठाई का सम्मान है। उन्होंने कहा कि चंपारण का रंगमंच फिर से शुरू हो, मैं सक्रिय भूमिका अदा करूँगा।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ० अतुल कुमार एवं रोशनाई फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि प्रसाद रत्नेश्वर का सम्मान चंपारण का सम्मान है। भविष्य में इनके साथ यहां और भी कलाकारों को ऐसा सम्मान प्राप्त होगा। यहां के रंगमंच के उत्थान के लिए सदैव उपस्थित रहूँगा।कार्यक्रम को वरीय रंगकर्मी एवं फिल्मकार मुकेश वर्मा, डॉ० राजेश अस्थाना, डी०के० आजाद, डॉ० सुनील चम्पारणी, डॉ० सबा अख्तर ने भी संबोधित किए।
इस अवसर पर रंगकर्मी सुदीप कुमार, विजय अमित, विनोद मिश्र, कपिलदेव राम, रहमान शैख, राजेश वर्मा, राजकुमार, संजय राणा, कुमार संजय, अशोक मेहरा, आशीष कुमार ऐश, चंदन कुमार, कुमार प्रीतम एवं शिवांगी भारती उपस्थित थे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन मजिस्टर मांझी ने किया।

anand prakash

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