रघुनाथपुर में एटीएम काटकर 28 लाख की चोरी,एसपी ने गश्ती दल को किया निलंबित
मोतिहारी। जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात अज्ञात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए एसबीआई के एटीएम को काटकर करीब 28 लाख रुपये की चोरी कर ली। मेन रोड स्थित इस एटीएम में हुई घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
बताया जा रहा है कि कार से आए पांच चोरों ने पूरी योजना के तहत इस घटना को अंजाम दिया और पुलिस को खुली चुनौती दी है। जानकारी के अनुसार, चोरों ने सबसे पहले एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए उन पर ब्लैक स्प्रे कर दिया, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद गैस कटर की मदद से एटीएम मशीन का कैश बॉक्स काटकर उसमें रखी भारी रकम लेकर फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि हिताची कंपनी द्वारा एक दिन पहले ही एटीएम में करीब 30 लाख रुपये डाले गए थे, जिसमें से लगभग 28 लाख रुपये चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर राशि के मिलान में जुट गए हैं। हालांकि, कुछ सीसीटीवी फुटेज में तीन चोरों की झलक दिखाई दी है, जबकि दो अन्य चोर कार में मौजूद थे। पुलिस इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने रघुनाथपुर थाना के गश्ती दल में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए कर्मियों में जमादार अशरफ खान सहित दो होमगार्ड जवान शामिल हैं। एसपी ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले के उद्भेदन के लिए सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस आसपास के दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी जांच के तहत मोबाइल डंपिंग भी कराई गई है, ताकि घटना के समय क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों का पता लगाया जा सके।
प्राथमिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने घटना को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर व्यस्त मेन रोड पर स्थित एटीएम में इस तरह की बड़ी चोरी से लोगों में भय का माहौल है। पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।

