सबौर कृषि विश्वविद्यालय में शुरू हुई ब्लूबेरी की खेती
भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में अब आधुनिक खेती की दिशा में एक नई पहल की गई है। यहां पहली बार ब्लूबेरी फल की खेती शुरू की गई है जो अब तक मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में ही की जाती थी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने सोमवार को बताया कि अब तक यहां धान, मक्का और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों की खेती होती थी। लेकिन किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अब उच्च मूल्य वाली फसलों पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ब्लूबेरी की खेती की शुरुआत की गई है। वहीं कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रीति सिंह ने बताया कि ब्लूबेरी का स्वाद मीठा-खट्टा होता है और इसमें उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लूबेरी जैसी उन्नत फसलों की खेती से किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

