750 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया तस्कर दोषी, 10 साल की सख्त सजा
मोतिहारी। हेरोइन तस्करी के एक गंभीर मामले में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) कोर्ट प्रथम की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 वर्षों के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सजा रामगढ़वा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी हरिनारायण प्रसाद के पुत्र ओम कुमार को हुई है। यह मामला रामगढ़वा थाना कांड संख्या 202/2022 से जुड़ा है, जिसे तत्कालीन थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के बयान पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार 25 जून 2022 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो युवक रघुनाथपुर से मादक पदार्थ लेकर नरीरगीर चौक पहुंचने वाले हैं, जहां से वे बस पकड़कर मुजफ्फरपुर जाने की फिराक में हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने नरीरगीर मोड़ के समीप घेराबंदी की। शाम करीब 5:10 बजे दो युवक हाथ में झोला लिए आते दिखे, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भागने लगे। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों ने अपनी पहचान कलाम हवारी और ओम कुमार के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उनके झोले से प्लास्टिक पैकेट में रखी 750 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद की गई। पूछताछ में अभियुक्त ने खुलासा किया कि यह मादक पदार्थ उसे मो. असलम नामक व्यक्ति द्वारा दिया गया था, जिसे मुजफ्फरपुर में किसी व्यक्ति तक पहुंचाना था। पुलिस ने कलाम हवारी और ओम कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया। एनडीपीएस वाद संख्या 52/2022 के तहत विचारण के दौरान ओम कुमार का मामला पृथक कर सुनवाई की गई।
विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने करीब आधा दर्जन गवाहों की गवाही प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने ओम कुमार को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाते हुए यह सख्त सजा सुनाई। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि अभियुक्त द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।

