सेना के 49वें उप प्रमुख बने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। भारतीय सेना के 49वें उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया।उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और साउथ ब्लॉक लान में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। लगभग चार दशकों के कार्यकाल में उन्हें विभिन्न भू-भागों और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव है, जिसमें आतंकवाद विरोधी अभियान भी शामिल हैं।
खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र धीरज सेठ ने दिसंबर, 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त करके सेना में अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में एक बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी बल की कमान संभाली है। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अभियानों का नेतृत्व किया।
सेना कमांडर के पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया और पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमांड की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने जम्मू-कश्मीर में एक स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ संचालन अधिकारी, सेना मुख्यालय में सहायक सैन्य सचिव, दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑपरेशंस और अनुशासन, समारोह और कल्याण के महानिदेशक सहित कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है।
क्षमता विकास और आधुनिकीकरण में एक विशिष्ट योगदानकर्ता के रूप में उन्होंने सामरिक योजना और क्षमता विकास निदेशालयों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें मशीनीकृत बलों के लिए कर्नल क्षमता विकास, ब्रिगेडियर परिप्रेक्ष्य योजना और अधिग्रहण और अपर महानिदेशक क्षमता विकास शामिल हैं। उन्होंने भारतीय सेना की दीर्घकालिक एकीकृत परिप्रेक्ष्य योजना और आधुनिकीकरण रोडमैप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जनरल ऑफिसर ने सभी पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं।
उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण छात्र अधिकारी पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने हायर कमांड कोर्स और प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा उन्होंने पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया है। इससे पहले वे पुणे स्थित दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 31 मार्च को अपनी दक्षिणी कमान की भूमिका से विदाई ली, जिसके बाद वे अब सेना मुख्यालय में यह महत्वपूर्ण भूमिका संभालेंगे।

