हार्डवेयर व्यवसायी के घर पर फायरिंग मामले मे एफआईआर दर्ज
– ठेकेदार समेत दो हिरासत में
-हार्डवेयर व्यवसाई के आवेदन पर पुलिसिया कार्रवाई तेज
– उधार के रूपये मांगने पर ठेकेदार ने कामता की हत्या कराने के लिए अपराधियों को किया था हायर
मोतिहारी। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के उज्जैन लोहियार में हार्डवेयर व्यवसायी कामता मिश्र के घर पर बीती रात अपराधियों ने फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। नतीजतन मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। व्यवसायी कामता मिश्र के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें शहर के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह पर हत्या की नीयत से फायरिंग कराने का आरोप दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, उधार दिए गए पैसे की मांग को लेकर उत्पन्न विवाद ने इस घटना को जन्म दिया।
आरोप है कि इसी रंजिश में ठेकेदार सुरेंद्र सिंह ने अपराधियों को सुपारी देकर कामता मिश्र के घर पर फायरिंग करवाई। सुरेंद्र सिंह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बसतपुर गांव के निवासी हैं और वर्तमान में हवाई अड्डा मोहल्ला में आवास बनाकर रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुरेंद्र और कामता के बीच पहले गहरी दोस्ती थी, जिसकी लोग मिसाल देते थे, लेकिन पैसों के लेन-देन ने रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए आरोपी ठेकेदार सुरेंद्र सिंह समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पूर्व, 30 मार्च 2025 को भी कामता मिश्र पर जानलेवा हमला हो चुका है। उस समय गायघाट स्थित उनकी दुकान में घुसकर अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उस मामले में पुलिस ने चार माह के भीतर कार्रवाई करते हुए शार्प शूटर सत्यम कुमार, अंकित कुमार सिंह, अमित श्रीवास्तव और लाइनर विकास कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना में प्रयुक्त अमेरिकी निर्मित पिस्टल भी बरामद की गई थी।
वर्तमान मामले में अरेराज डीएसपी रवि कुमार और प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, ताकि फायरिंग करने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर कामता मिश्र के आवास पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

