कमीशन के लालच में साइबर फ्रॉड को बैंक डिटेल्स देना पड़ा महंगा, 30 लोग और 97 बैंक अकाउंट्स कारवाई की जद में
-साइबर थानाध्यक्ष ने कहा कि दुसरो को दिए है बैंक डिटेल्स तो साइबर पुलिस को दे जानकारी अन्यथा होगी कठोर कार्रवाई
-रडार पर कई बैंक खाते और खाताधारक, फरार के विरुद्ध कुर्की तय
पूर्वी चंपारण। जिले की साइबर पुलिस साइबर अपराध से जुड़े मामलों के उद्भेदन में शीर्ष पर है। पिछले दिनों में की गई कारवाई में 30 वैसे लोगों के विरुद्ध कारवाई की गई है जो चंद पैसे के लालच में अपना अकाउंट नम्बर , आधार कार्ड और सिम कार्ड दूसरे को दे रखे है।
उक्त बैंक खातों में साइबर अपराधी फ्रॉड का पैसा मंगाते है और कुछ राशि कमीशन के तौर पर खातेदार को थमा देते है। साइबर पुलिस इस तरह के मामले में जिले भर में कुल 97 बैंक अकाउंट्स को चिन्हित किया है और वैसे खाताधारकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए शीघ्र चार्ज शीट दाखिल किया जाएगा।
बताया गया है कि कई नामजद लोग फरार है या दूसरे प्रदेश और नेपाल में जमे है , उनके विरुद्ध इश्तेहार और कुर्की की कारवाई की जायेगीं। अबतक इस तरह के मामलों से जुड़े एक दर्जन एफआईआर दर्ज किए गए है जाहिर है अब वैसे लोगों की मुश्किल बढ़ जाएंगी जो कमीशन के मामूली पैसों के लालच में अपना पर्सनल डाकमेंट्स दूसरे के हवाले कर दिए है और उन बैंक खातों में साइबर फ्रॉड का पैसा धड़ल्ले से मंगाया गया है।

इसको लेकर साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी अभिनव परासर ने लोगो को आगाह करते हुए कहा है कि जो लोग दूसरे को अपना बैंक अकाउंट,सिम आदि दिए है वे स्वयं साइबर थाना पहुंचकर पुलिस को जानकारी साझा करें, अन्यथा पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी और तब जेल की हवा खानी पड़ेगी।
बताया गया है कि काफी संख्या में लोगों का डेटा बैंक से लिया गया है जिनके खाते में फ्रॉड का पैसा आ रहा है। वही कुछ खातों में होल्ड लगा हुआ है जिसपर पुलिस काम कर रही है। यहां बता दे कि आर्थिक अपराध इकाई से अलग कर साइबर क्राइम सिक्युरिटी यूनिट (सीसीएसयू) बनाया गया है,जिसके बाद इस तरह के साइबर अपराध के मामले खूब उजागर हो रहे है।

