मुंशी सिंह महाविद्यालय एड्स के प्रति जागरूकता एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन
मोतिहारी । बिहार एड्स नियंत्रण सोसाइटी के निर्देशानुसार शैक्षणिक संस्थानों में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस क्रम में मुंशी सिंह महाविद्यालय, मोतिहारी की सेहत केंद्र इकाई तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में “एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम” के अन्तर्गत क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को।एचआईवी/एड्स से संबंधित ऑब्जेक्टिव प्रश्नपत्र दिए गए, जिनमें संक्रमण के कारण, इसके फैलने के माध्यम, बचाव के उपाय, उपचार संबंधी जानकारी तथा समाज में इसके प्रति व्याप्त भ्रांतियों से जुड़े प्रश्न शामिल थे। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच एचआईवी/एड्स के बारे में वैज्ञानिक और सही जानकारी का प्रसार तथा इसके प्रति जागरूक और संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा किएचआईवी/एड्स केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी से भी जुड़ा विषय है। फलस्वरूप युवाओं को इसके बारे में सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की सेहत केंद्र इकाई की नोडल पदाधिकारी एवं मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. विदुषी दीक्षित, जिला नोडल अधिकारी एवं राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. गौरव भारती, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. ए. के. रंजन, डॉ. दद्दन राम, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. रुपेश कुमार, डॉ. रूपकथा घोष, डॉ. प्रतिमा, डॉ. आलोक कुमार पांडेय, डॉ. अवनीश कुमार मिश्र सहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विदुषी दीक्षित ने किया। इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. ए. के. रंजन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एचआईवी से बचाव के उपायों, सुरक्षित व्यवहार तथा समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
अंत में डॉ. गौरव भारती ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया तथा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

