1011 कन्याओं की कलश यात्रा के साथ शतचंडी महायज्ञ का हुआ शुभारंभ
-नौ दिवसीय यज्ञ में जुटे हजारों श्रद्धालु
हरसिद्धि। प्रखंड के यादवपुर पंचायत अंतर्गत दुदही-भरवलिया गांव में आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई इस अवसर पर 1011 कुंवारी कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर शोभायात्रा में भागीदारी निभाई। कलश यात्रा यज्ञ स्थल दुदही-भरवलिया से प्रारंभ होकर यादवपुर पंचायत के विभिन्न मार्गों से होते हुए बलुआ घाट पहुंची। जहां सभी कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने कलश में पवित्र गंगाजल भरा। तत्पश्चात गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा पुनः यज्ञ मंडप पहुंची एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
यज्ञ के मुख्य आचार्य राकेश मणि त्रिपाठी तथा हठयोगी मनमोहन दास ने वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान की शुरुआत की। आचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि यज्ञ से समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलता है। सनातन परंपरा में यज्ञ का विशेष महत्व है, जिससे वातावरण और ब्रह्मांड की शुद्धि होती है तथा क्षेत्र से नकारात्मकता और कष्ट दूर होते हैं। इस महायज्ञ में श्रद्धालु नौ दिनों तक नियम-संयम के साथ पूजा-अर्चन में भाग लेते हैं, कई लोग तो व्रत रखकर अनुष्ठान में शामिल होते हैं।
महायज्ञ का आयोजन 6 से 15 मार्च तक होगा।
प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। समिति के अध्यक्ष अनिल कुशवाहा, कोषाध्यक्ष रामचंद्र कुशवाहा और सचिव शिव साह समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग आयोजन की व्यवस्था में जुटे हैं, आयोजकों ने बताया कि महायज्ञ के दौरान दूर-दूर से आए कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-तमाशा और धार्मिक प्रस्तुतियां भी होंगी, साथ ही वृंदावन से आने वाली रासलीला मंडली भी यहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन करेगी।

