17 अप्रैल से एक मई तक चलेगी स्वगणना प्रक्रिया
-सटीक जनगणना से ही विकसित भारत का लक्ष्य होगा पूरा : प्रत्यय
दो मई से घर-घर होगा सर्वेक्षण : अनिल
पटना।मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सोमवार को राजधानी पटना में एकदिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस मौके पर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए सटीक जनगणना जरूरी है। जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का निर्माण संभव है। मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 के कारण जनगणना समय पर नहीं हो पायी, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।
उन्होंने पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ जनगणना करने का निर्देश अधिकारियों कर्मचारियों को दिया। श्री अमृत ने बताया कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप तथा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से संचालित की जायेगी। इससे डेटा संकलन अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य समन्वयक सीके अनिल ने इस मौके पर कहा कि राज्य में जनगणना शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जायेगा। कहा कि मोबाइल एप के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल से एक मई तक चलेगी, जबकि भौतिक रूप से घर-घर सर्वेक्षण का कार्य दो मई से 31 मई के बीच होगा। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं एवं घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित होंगे।जनगणना निदेशालय के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया एवं रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
इस मौके पर सामान्य प्रशासन के मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर, प्रधान सचिव पंकज कुमार, वंदना प्रेयसी, सचिव जय सिंह, सुभाष दास गुप्ता समेत सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारी एवं सभी नगर आयुक्त उपस्थित थे। इस मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज, उपनिदेशक मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत जनसंख्या निदेशालय के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

