भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिला के वरीय अधिकारियों की हुई बैठक
-नेपाल में होने वाले चुनाव को लेकर एक दूसरे देश के अधिकारियों ने सुरक्षा और सहयोग का जताया भरोसा
मोतिहारी /रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एकीकृत जांच चौकी (नेपाल साइड) में शनिवार को भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिला के अधिकारियों एक बैठक आयोजित की गई।भारत-नेपाल सीमावर्ती जिला की समन्वय समिति की बैठक का आयोजन नेपाली प्रशासन के तरफ से किया गया था। फलस्वरूप अध्यक्षता नेपाल के पर्सा जिला के प्रमुख जिलाधिकारी भोला दहाल ने की।
आइसीपी नेपाल के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल को नेपाल पुलिस के सशस्त्र बल के जवानों के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।भारतीय अधिकारियों की टीम का नेतृत्व पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल कर रहे थे। बैठक में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण के डीएम-एसपी के साथ-साथ नेपाल के पर्सा व बारा जिला के प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
इस दौरान दोनों देश के अधिकारियों ने एक दूसरे के साथ समन्वय करते हुए क्रॉस बॉर्डर अपराध पर लगाम लगाने को लेकर ठोस रणनीति पर चर्चा की। वही नेपाल में आगामी निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए सीमा सुरक्षा की निगरानी को कड़ा करने का निर्णय लिया गया। मतदान की अवधि से पूर्व सीमा को सील करने को लेकर भी नेपाल प्रशासन के द्वारा भारतीय प्रशासन से आवश्यक सहयोग पर सहमति बनी।
नेपाल में आगामी 5 मार्च को केंद्रीय चुनाव होना है। इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के द्वारा सरिसवा नदी के प्रदूषण का भी मामला बैठक में उठाया गया और दोनों देश के अधिकारियों ने मिलकर सरिसवा नदी को साफ करने को लेकर कार्ययोजना पर भी चर्चा की। इसके साथ ही, क्रॉस बॉर्डर अपराध कर एक दूसरे देश में शरण लेने वाले अपराधियों की सूची सौंपने और उनकी गिरफ्तारी में आवश्यक सहयोग करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
मादक पदार्थ की तस्करी पर रोकथाम के साथ ही अन्य कई संवेदनशील विषयों पर समन्वय समिति की बैठक में विशेष चर्चा की गई। बैठक में बारा जिला के जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र, पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरणजोत सिंह, एसपी पूर्वी चंपारण स्वर्ण प्रभात, भारतीय दूतावास के अधिकारी मनीष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद के साथ-साथ कई अधिकारी मौजूद थे।

