चंपारण की माटी से उपज रही उधमिता की कहानी
-हुनर की नई कहानी रचने वालो का उद्यम देख डीएम सौरभ जोरवाल ने जताया खुशी
– कहा उद्योग विभाग में जाकर रोजगार के लिए सरकार की योजनाओ का लाभ उठाकर खुद को बनाये आत्मनिर्भर बने
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिला में महिला उद्यमिता की एक प्रेरणादायक मिसाल पुनीता कुमारी के रूप में सामने आई है। पुनीता ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ का लाभ उठाकर “पुनीता फूड प्रोडक्ट” को नई पहचान दी है। बेकरी उत्पादों के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। डीएम सौरभ जोरवाल ने “पुनीता फूड प्रोडक्ट” इकाई का भ्रमण किया, जहां केक, बिस्कुट, ब्रेड, रस्क और अन्य बेकरी उत्पाद आधुनिक तकनीक से तैयार किए जा रहे हैं। पुनीता कुमारी ने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता, नियंत्रण, साफ-सफाई मानकों तथा पैकेजिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि पीएमएफएमई योजना’ के तहत वित्तीय सहायता एवं तकनीकी मार्गदर्शन के बाद आधुनिक ओवन, मिक्सर मशीन और पैकेजिंग उपकरण स्थापित किया। मेहनत और लगन का परिणाम है कि आज “पुनीता फूड प्रोडक्ट” के बेकरी उत्पाद स्थानीय बाजारों में लोकप्रियता हासिल कर रहा है।
कई स्थानीय युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिल रहे है। जाहिर है कि वे ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब गिवर’ बनने की दिशा में अग्रसर हैं। डीएम ने पुनीता कुमारी के प्रयासों को सराहा। डीएम ने आश्वासन दिया कि प्रशासन सभी उद्यमियों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इच्छुक उद्यमी प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र या जिला पदाधिकारी कार्यालय में अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं, जिनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
जबकि महिला उद्यमिता की एक प्रेरक पहल किरण कुमारी भी सामने आई है। उन्होने ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ का लाभ उठाकर आधुनिक ऑटोमेटिक फ्लोर मिल स्थापित कर आत्मनिर्भरता का सपना साकार कर रही है। जिला पदाधिकारी संचालित ऑटोमेटिक फ्लोर मिल इकाई का भ्रमण किया। उत्पादन प्रक्रिया, मशीनों की क्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण और पैकेजिंग व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण कर यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार एक छोटे स्तर का पारंपरिक व्यवसाय आधुनिक तकनीक से सुसज्जित उद्योग में बदला गया है। उनकी फ्लोर मिल में गेंहू का आटा एवं चोकर, अनाज उत्पाद उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है।
इसके अतिरिक्त युवा उद्यमिता की सशक्त मिसाल राकेश कुमार बने हुए है। ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ का लाभ उठाकर कूलर निर्माण इकाई की स्थापना की है और अपने व्यवसाय को मौसमी मांग के अनुसार विविधीकृत कर एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। जिलाधिकारी राकेश कुमार द्वारा संचालित निर्माण इकाई का भ्रमण किया। कूलर निर्माण प्रक्रिया, मशीनरी की कार्यक्षमता, तैयार उत्पादों की गुणवत्ता एवं स्टॉक की स्थिति का अवलोकन किया गया। राकेश ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ के तहत वित्तीय सहायता के बाद आधुनिक मशीनें स्थापित कीं और विभिन्न मॉडलों के ऊर्जा दक्ष कूलरों का निर्माण प्रारंभ किया। फिलहाल सर्दी के मौसम में कूलर की मांग कम होने पर स्टील बॉक्स और स्टील ड्रम का निर्माण करते हैं।
जिला पदाधिकारी ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ के तहत विकसित किए गए एक आधुनिक बैंक्वेट हॉल एमएसए वाटिका का भ्रमण किया। उन्होने बैंक्वेट हॉल की संरचना, सजावट, कैटरिंग व्यवस्था, लाइटिंग एवं साउंड सिस्टम सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। देखा कि किस प्रकार सरकारी योजना के सहयोग और आधुनिक सोंच के साथ एक छोटे व्यवसाय को बड़े उद्यम में बदला जा सकता है। आज उनका बैंक्वेट हॉल विवाह, जन्मदिन, सामाजिक एवं सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लोकप्रिय स्थल बन चुका है।

