रक्सौल में दो दिवसीय मानव तस्करी निरोधक प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन

रक्सौल में दो दिवसीय मानव तस्करी निरोधक प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
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– कानूनी जागरूकता, पहचान एवं पुर्नवास पर हुई विॆशेष चर्चा
रक्सौल। भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण  एवं सशस्त्र सीमा बल  के संयुक्त तत्वावधान में लैंड पोर्ट  रक्सौल के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय “भू-सीमाओं पर मानव तस्करी निरोधक प्रशिक्षण कार्यक्रम” का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य हितधारकों को मानव तस्करी की पहचान, रोकथाम एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना है।

उद्घाटन सत्र में आईसीसी अध्यक्ष एवं सदस्य (वित्त) डॉ. रेखा बैकर कुमार ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सतर्कता, संवेदनशीलता और संस्थागत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्य अतिथि 47 वीं बटालियन एसएसबी रक्सौल के कमांडेंट  संजय पांडेय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए सभी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल की जरूरत बताई।

लैंड पोर्ट  प्रबंधक  राजीव रंजन ने अतिथियों का सम्मान किया। लैंड पोर्ट उप प्रबंधक रमन कुमार झा, सशस्त्र सीमा बल के उप कमांडेंट नवीन कुमार साह की भी गरिमामई उपस्थिति रही। वहीं मंच संचालन कोमल कुमारी ने किया तथा कार्यशाला की विधि-व्यवस्था एवं अतिथियों का स्वागत सुरभि सिंह, अख्तर सैफी, श्याम कुमार ने किया।

प्रथम तकनीकी सत्र में पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजू सिंह ने मानव तस्करी की परिभाषा, उसके प्रकार, प्रमुख कारणों तथा भारत में इसकी सांख्यिकीय प्रवृत्तियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं नीतिगत ढांचे की भी चर्चा की, जिससे प्रतिभागियों को विधिक दृष्टिकोण की समग्र समझ प्राप्त हुई।

इसके उपरांत एसएसबी की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एवं एनजीओ के सहयोग से एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में मानव तस्करी के संकेतों की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

दोपहर के सत्र में  संजू सिंह ने पीड़ितों की पहचान एवं उनकी संवेदनशीलताओं पर प्रकाश डालते हुए पुलिस, न्यायपालिका, एनजीओ, शिक्षक एवं सामुदायिक नेतृत्व की भूमिका स्पष्ट की। वहीं  दिग्विजय कुमार ने बचाव की प्रक्रिया, पुनर्वास एवं पुनर्समावेशन की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए समग्र देखभाल के महत्व को रेखांकित किया।


प्रथम दिवस के अंत में प्रतिभागियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए अधिक सतर्क, संवेदनशील एवं समन्वित प्रयासों का संकल्प लिया।
मौके पर लायंस क्लब रक्सौल के अध्यक्ष लायन बिमल कुमार सर्राफ, जोन चेयरपर्सन लायन शम्भु प्रसाद चैरसिया, सचिव लायन म. निजामुद्दीन, रणजीत सिंह, आरती कुमारी, सिस्टर ग्रेस आदि उपस्थित थे।

anand prakash

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