प्रशांत किशोर ने महागठबंधन के मुस्लिम प्रेम पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने महागठबंधन के मुस्लिम प्रेम पर साधा निशाना
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गयाजी। जन सुराज पार्टी ने आज बुधवार को गयाजी के चेरकी बाजार स्थित होटल रॉयल पैलेस में बिहार बदलाव इजलास का आयोजन किया। इजलास को संबोधित करने के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बात की और राजद समेत महागठबंधन पर निशाना साधा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि खुद को मुसलमानों का रहनुमा बताने वाली पार्टियों से हमारा यह कहना है कि उनके मुस्लिम कैंडिडेट के सामने हम मुस्लिम को नहीं उतारेंगे। लेकिन उनको भी अगर मुसलमानों की इतनी चिंता है तो वो भी घोषणा करें कि जन सुराज जहां से मुस्लिम कैंडिडेट को लड़ाएगा वहां से महागठबंधन अपना मुस्लिम कैंडिडेट नहीं देगा। उनको अगर भाजपा को हराने की चिंता है तो यह घोषणा करके देख लें। हालांकि वो लोग ऐसा नहीं करेंगे।

उन्होंने आगे अशोक चौधरी पर फिर से हमला करते हुए कहा कि वो आरोपों का जवाब देने के बजाए अपन वकील से नोटिस भिजवाए हैं। हमारा वकील भी जवाब दे देगा। लेकिन वो एक और नोटिस तैयार करा लें क्योंकि अगले दो-तीन दिन में इन पर एक और किश्त जारी करेंगे।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जो भी नेता आरोपों का जवाब नहीं देगा, उसे नहीं छोड़ेंगे। चाहे वो दिलीप जायसवाल हों, मंगल पांडेय हों, सम्राट चौधरी हों। इन्होंने जवाब नहीं दिया तो अगला किश्त जारी किए। अब अशोक चौधरी पर भी करेंगे। वो दस नोटिस भेजेंगे फिर भी नहीं छोड़ेंगे।

इससे पहले प्रशांत किशोर ने इजलास में कहा कि भाजपा को सिर्फ 40% हिन्दू समाज का वोट मिला है। हिंदुओं की आधी आबादी ऐसी है, जो गांधी, बाबासाहब, लोहिया, समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा को मानती है। यह लोग कभी भाजपा का समर्थन नहीं करेंगे। गांधी को, लोहिया को या समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा मानने वाले लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी है, भाजपाइयों ने नहीं लड़ी। अगर ऐसे हिन्दुओं के साथ मुस्लिम भी आ गए तो जो समीकरण बनेगा, वह भाजपा को हरा देगा। जन सुराज की कोशिश है कि उन हिन्दुओं के साथ मुस्लिम समाज को जोड़कर भाजपा को शिकस्त दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि जन सुराज आनेवाले चुनाव में मुस्लिमों को आबादी के लिहाज से प्रतिनिधित्व देगा ही देगा। मुस्लिम समाज को पीछे नहीं रहना चाहिए। जैसे आप कहते हैं कि देश की आजादी में हमने भी खून-पसीना बहाया है। वैसे ही जब यह इतिहास लिखा जाए कि बिहार को बनाने में एक नई लड़ाई लड़ी जा रही थी, तब यह भी लिखा जाए कि आपने भी अपना खून-पसीना बहाया था। यह बात न हो कि मुस्लिमों ने जन सुराज का साथ इसलिए दिया कि उन्हें 40 सीटें मिली, बल्कि बात इसलिए हो कि आपने बिहार को बदलने में सहयोग किया।

anand prakash

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