बिहार बजट:किसानों को अब 6 की जगह सालाना मिलेंगे 9 हजार रुपये
पटना। बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिक्षा और उच्च शिक्षा पर सबसे अधिक राशि आवंटित की गई है। सरकार ने शिक्षा के लिए 68 हजार 216 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रावधान किया है।
वहीं इस बार के बजट में बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बजट में किसानों के हित में एक नई योजना का ऐलान किया गया है, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ का भी लाभ मिलेगा। बिहार बजट में इस प्रावधान के बाद बिहार के किसानों को सालाना अतिरिक्त 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किसानों को पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये की राशि तीन किस्तों में मिलती थी। राज्य सरकार की नई पहल के बाद यह राशि बढ़कर कुल 9,000 रुपये प्रतिवर्ष हो जाएगी। सरकार का कहना है कि यह अतिरिक्त मदद छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, खासकर बढ़ती लागत और प्राकृतिक चुनौतियों के दौर में किसानों को राहत मिलेगी।राज्य सरकार ने इस नई योजना का नाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा है।
सरकार का मानना है कि यह योजना उनके किसान हितैषी विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है. योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से पीएम किसान योजना के पात्र हैं।सरकार ने बिहार बजट में यह भी संकेत दिया है कि कृषि क्षेत्र में सिंचाई, बीज, उर्वरक और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रावधान किए जाएंगे। उद्देश्य है कि किसानों की आमदनी बढ़े और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। अब सबकी नजर इस बात पर है कि योजना का क्रियान्वयन कब से शुरू होगा और पहली किस्त किसानों के खाते में कब पहुंचेगी?

