नवरात्रि:शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन कैसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें पूरी विधि और धार्मिक महत्व
मोतिहारी।नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में जल का पात्र लिए अपने दिव्य स्वरूप में अवतरित होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की साधना-आराधना, जप-तप करके भक्त अपनी मनोकामना को पूरा करने का प्रयास करते हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार माँ ब्रह्मचारिणी की प्रेरणा से भक्तो की साधना सफल होती है।
कैसे करे मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दूसरे दिन साधक को प्रात:काल जल्दी उठकर सबसे पहले दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद स्नान-ध्यान करना चाहिए। स्वच्छ वस्त्र धारण करके सबसे पहले मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान करते हुए उनके व्रत, जप और विधि-विधान से पूजन का संकल्प लेना चाहिए।
हिंदू मान्यता के अनुसार देवी ब्रह्मचारिणी को सफेद या गुलाबी रंग अत्यंत ही प्रिय है। ऐसे में साधक को इसी रंग के कपड़े पहनने का प्रयास करना चाहिए। इसके बाद अपने पूजा स्थान अथवा ईशान कोण में मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा या फिर चित्र रखकर फल-फूल, धूप-दीप, कुमकुम, अक्षत, नारियल, बताशा, मिष्ठान आदि अर्पित करना चाहिए।
देवी ब्रह्मचारिणी को किस चीज का लगाएं भोग
नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा में उन्हें प्रसन्न करने के लिए साधक को विशेष रूप से मीठे पकवान बनाकर भोग लगाना चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में दूध, मिश्री से बनी मिठाइयां या फिर पंचामृत को चढ़ाना शुभ माना जाता है।
मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र
हिंदू मान्यता के अनुसार देवी पूजा में मंत्र जप का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। ऐसे में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः” का जप अवश्य करें। माता के मंत्र का जप करते समय अपने हाथ में पुष्प और अक्षत अवश्य रखें। मंत्र जप के बाद उसे देवी के चरणो में समर्पित कर दें। इसके बाद माता की विशेष आरती करने के बाद पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा और पूरे परिवार के लिए आशीर्वाद मांगे।

