बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पूर्व सीमावर्ती क्षेत्रो में बनेगे चेकपोस्ट:एडीजी
पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव-2025 को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नेपाल और अन्य राज्यो की सीमावर्ती क्षेत्रो में चौकसी बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। शराब और मादक पदार्थों के साथ ही हथियारों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए 23 प्रमुखों स्थानों को चिन्हित किया गया है।जहां 393 चेक पोस्ट बनाए जाएंगे।इसके अलावा सीमावर्ती राज्यों से जुड़े जिलों में भी 176 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है,जहां मिरर चेकपोस्ट बनाए जायेगे। जिसमें यूपी की सीमा से जुड़े 96, पश्चिम बंगाल से जुड़े 34 और झारखंड से जुड़े में 46 स्थानो पर मिरर चेकपोस्ट बनाए जाएंगे।
उक्त जानकारी एडीजी (मद्य निषेध इकाई) अमित कुमार जैन ने सोमवार को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन सभागार में दी है। एडीजी ने कहा कि चालू वर्ष 2025 में जनवरी से अगस्त तक 6 लाख 20 हजार 322 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। इसकी कीमत 72 करोड़ 64 लाख रुपये हैं। इसमें 12 हजार 515 लीटर देसी और 5 लाख 74 हजार 526 विदेशी शराब के अतिरिक्त 77 हजार स्र्पिट शामिल है।
उन्होने बताया कि 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक 2 करोड़ 75 लाख 75 हजार 369 लीटर शराब बरामद की गई है। इसमें 97 फीसदी शराब नष्ट की जा चुकी है।इस वर्ष अगस्त तक अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्रवाई में 84 हजार 789 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें 52 हजार 470 पीने वाले, 2 हजार 416 वारंटी और 29 हजार 903 आपूर्तिकर्ता या वितरण करने वाले शामिल हैं। 2025 में जुलाई तक अवैध शराब के मामले में 14 हजार 83 आरोपियों के नामों की इंट्री गुंडा पंजी में दर्ज की गई है। 1548 आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 129 और 1344 लोगों के खिलाफ सीसीए की धारा-3 में दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से शराब की तस्करी कराने वाले 305 अभियुक्तों को चिन्हित किया गया है, जिनकी सूची संबंधित राज्यों की पुलिस को जुलाई में ही भेजी गई है। इनमें 5 आरोपियों की गिरफ्तारी मद्य निषेध इकाई की टीम ने दूसरे राज्य जाकर कर चुकी है।
एडीजी ने कहा कि बिहार में दूसरे राज्यों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश से शराब तस्करी होकर बिहार पहुंचती है। बरामद शराब की क्यूआर कोड और बैच नंबर की मदद से इन राज्यो के होलसेलर या रिटेलर की पहचान करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

