हिंदू महासम्मेलन में रामायण और पंच परिवर्तन पर मंथन
– सीता खिचड़ी महाप्रसाद के रूप में बंटा
कोटवा। कोटवा कोटेश्वर चौक पर आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन ऐतिहासिक, अनुशासित और पूरी भव्यता के साथ भक्तिमय माहौल में सम्पन्न हो गया । सम्मेलन को लेकर पूर्व से ही पूरे कोटवा क्षेत्र को भगवा झंडों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह सनातनी आस्था और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत नजर आया। कोटवा हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ और दीप प्रज्वलित कर हुआ। वहीं बजरंगबली एवं श्रीराम प्रभु की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ । इस दौरान जय श्री राम के नारे से पूरा वातावरण गुंजयमान हो रहा था। मूर्ति स्थापना स्थल को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण सीता खिचड़ी और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी रहा।
मुख्य आयोजक हिमांशु सिंह उर्फ गपू सिंह ने बताया कि यह खिचड़ी सनातन परंपरा और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है। इसमें अयोध्या का घी और सीतामढ़ी का चावल प्रयोग में लाया गया है,। सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस उत्तर बिहार के प्रांत प्रचारक रविशंकर ने रामायण के सामाजिक और सांस्कृतिक संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रामकथा वाचक एवं प्रखर संत रामभक्त रामदास जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज को संगठित रहने, संस्कृति की रक्षा करने और सनातन मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। वहीं स्थानीय विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना जागृत होती है और युवा पीढ़ी अपनी सनातनी जड़ों से जुड़ जाते है।
कार्यक्रम में आरएसएस के सुशील पांडेय, सोनू शिवम, जिलाध्यक्ष भाजपा पवन राज, उप मेयर मोतिहारी लालबाबू गुप्ता, भाजपा नेता अखिलेश सिंह, खंड कार्यवाह अरविंद कुमार पांडेय, संपर्क प्रमुख राजेश, कुमार ओंकार, अभय सिंह, रामाकांत पांडेय, भूपेंद्र सिंह, रवि सिंह, सिपाही सिंह, महेंद्र दास, अरविंद सिंह, अरविंद पांडेय, अभिषेक सिंह, शिवम कुमार, आशीष कुमार, बृजकिशोर दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्त्री, पुरुष, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

