किसानों को रासायनिक खाद से बचने और जैविक खाद के उपयोग की दी गई सलाह
कोटवा। प्रखण्ड के जसौली पट्टी में आयोजित एक दिवसीय किसान परिचर्चा में प्रगतिशील किसानों को तेलहन फसल के प्रबंधन पर कृषि विज्ञान केन्द्र पिपरा कोठी के प्रधान डॉ अरविंद कुमार सिंह ने विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा मनीष कुमार सिंह एवं उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ धीर प्रकाश धीर ने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रख कर खेती करने की जरूरत पर जोर दिया।किसानों ने कृषि पदाधिकारी से यूरिया उचित मूल्य पर नहीं मिलने की शिकायत की।कृषि पदाधिकारी ने उचित मूल्य पर यूरिया उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रतिनियुक्त कर्मी को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक वितरण करने का निर्देश दिया गया है, साथ ही उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर प्रतिनियुक्त कर्मी पर कारवाई की जाएगी।
उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक रवीश कुमार,मास्टर ट्रेनर रविन्दर सिंह ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।उन्होंने विजामृत,जीवामृत,घन जीवामृत, निमास्त्र, अज्ञनास्त्र, ब्रमास्त्र, वपसा, पंचगव्य, आदि के प्रयोग से होने वाले लाभ को बताया।
किसानों को सहायक तकनीकी प्रबंधक सुमन यादव, अंकिता पाण्डेय एवं रस्जेश्वर सिंह ने रसायनिक खाद का प्रयोग कम से कम करने और जैविक खाद का प्रयोग अधिक करने की सलाह दी।परिचर्चा में विनय कुमार, सुनील सिंह ,धर्मेंद्र सिंह, तेज नारायण सिंह ,जगरनाथ भगत, शम्भू भगत, लालबाबू सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।

