शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होगा बिहार : नीतीश
राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सीएम ने सदन को किया संबोधित
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दावा करते हुए कहा कि पांच वर्षों में बिहार को शीर्ष पांच राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जायेगा। सात निश्चय-3 में इसके लिए प्रावधान किया गया है। कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मुहैया कराये गये हैं। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिये जायेंगे। इसके लिए राज्य में उद्योगों की स्थापना का तेजी से प्रयास किया जा रहा है।
कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को बिहार विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पंचायत और नगर निकायों के चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण दिया गया। पुलिस नियुक्ति में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण देने की शुरुआत वर्ष 2013 से की गयी थी। वर्ष 2016 में सभी प्रकार सरकारी नौकरियों में महिलाओ को 35 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। इससे लड़कियां आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ रही हैं। पोशाक और साइकिल योजनाओं से भी छात्राओं का हौसला बढ़ा है। लड़कियों की पहुंच स्कूलों तक सुगम हुई है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दीदियों की संख्या 1.40 करोड़ हो चुकी है, जबकि शहरों में कुल मिलाकर समूहों से चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि 2005 के पहले बिहार का हाल बहुत ही खराब था। बिहार के विकास की स्थिति बदतर थी। कुछ जगहों पर ही बिजली उपलब्ध थी। हमलोगों ने वर्ष
2018 में ही घर-घर बिजली पहुंचा दी थी। अब सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जा रही है। इच्छुक उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाये जायेंगे। कहा कि 2005 में पीएचसी में प्रतिमाह 39 मरीज आते थे, लेकिन अब प्रतिमाह 11 हजार मरीज इलाज के लिए पीएचसी में आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा और जांच की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर छह से 12 हो चुकी है। 27 जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। मरीजों के बेहतर इलाज और सुविधा के लिए सरकारी डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर रोक लगायी जायेगी। कहा कि सड़कों और पुलों का जाल बिछाया गया है। गांवों में हर घर तक पक्की गली और नाली का निर्माण कराया गया है। प्रदेश में आवागमन काफी सुगम हो चुका है।
कृषि क्षेत्र में कृषि रोडमैप के क्रियान्वयन से उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है। राज्य के प्रति व्यक्ति आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किये जायेंगे, तो जिला अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र में तब्दील किये जायेंगे। निजी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जायेगा। वही, राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किये जायेंगे। स्पोर्ट्स सिटी का विकास किया जायेगा।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जायेगी। टूरिज्म और इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सात निश्चय 1,2 की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि सात निश्चय-3 को भी धरातल पर उतारने की तेजी से पहल की जा रही है। इसके तहत सबका सम्मान-जीवन आसान और उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य, मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार, कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि, समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के प्रावधानों को बेहतर तरीके से जमीन पर उतारा जायेगा।

