33 फीट ऊंचे और 210 मीट्रिक टन वजन वाले शिवलिंग 15-16 जनवरी तक कैथवलिया पहुंचने की संभावना

33 फीट ऊंचे और 210 मीट्रिक टन वजन वाले शिवलिंग 15-16 जनवरी तक कैथवलिया पहुंचने की संभावना
Facebook WhatsApp


-कैथवलिया गांव में शिवलिंग की स्थापना को लेकर कार्यो में तेजी
– महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कुणाल किशोर की कृति होगी अमर

कल्याणपुर।चकिया- केसरिया पथ से गुजरने वाली रामजानकी पथ कैथवलिया के समीप  बन रहे विश्व के सबसे बडे विराट रामायण मंदिर में  स्थापित करने के लिए 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजन वाले विशाल शिवलिग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से कैथवलिया के लिए रवाना हो गया। यह शिंव लिंग 96 चक्को वाले विशेष ट्रक पर रखकर आ रहा है। करीब 4 वर्षो के अथक मेहनत से तैयार बाबा का  शिवलिंग एक विशेष ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है।

यह शिवलिंग ट्रक पर लदा है, जो की  महाबलीपुरम सडक मार्ग से चल कर यूपी व बिहार की बाॅर्डर पर खड़ा है। वहीं  ट्रक चालक द्वारा कैथवलिया आने के पूर्व रविवार को उक्त स्थल का निरीक्षण किया गया।   ट्रक चालक अरूण कुमार शिव लिंग को ट्रक से खाली कराने के लिए स्थल की स्थिति को देखा। बाबा का  शिवलिंग डुमरिया एंव सत्तरधाट पुल होकर, केसरिया होते हुए कैथवलिया पहुंचेगी। लिहाजा चालक ने दोनो रोड का निरीक्षण किया।  यह शिवलिंग किस रास्ते से कैथवलिया पहुंचेगी अभी इसको लेकर कोई रोड मैप का चयन नही हुआ है। शिवलिग के 15 जनवरी तक कैथवलिया पहुंचने की संम्भावना है। उल्लेखनीय है कि शिंवलिंग महाबलिपुरम से 23 नवम्बर को चला, साथ ही लंबी दुरी और  शिवलिंग भारी वजन के कारण बिहार-यूपी बाॅर्डर पर 2 जनवरी को पहुचा। आने में लगभग दो माह का समय लगा है।

विराट रामायणर  मंदिर 108 फीट लंबा और 580 फीट चौडा और 270 फीट उंचा होगा। इस मंदिर का  एरिया तीन लाख 76 हजार वर्ग फीट होगा। मंदिर का निर्माण एजेसी सन्टेक इंफा साल्यूशन कर रहा है। शिंवलिंग को पेडेस्टर पर रखने के लिए दो किरान मशीन मांगये गये है। उक्त स्थल पर ट्रक पहुंचने के लिए रोड पर मजबूत  कंक्रीट की जा रही है।

शिवलिंग को स्थापित करने के लिए मंदिर परिसर मे 18 फीट हाइट का पेडेस्टर एवं लगभग 15 फीट अरधा का निर्माण कार्य चल रहा है। जब शिवलिंग यहां पहुचेगा, उक्त  स्थल पर स्थापित   तीन मंजिला मंदिर का निर्माण कार्य चालू कर दिया जायेगा। शिंवलिग जिस रास्ते से आ रही है, उस रास्ते मंे पडने वाले सभी पुल-पुलिया का इंजिनियरो के  द्वारा सर्वेक्षण कर लिया गया है।
जाहिर है कि देश ही नहीं विश्व के लिए महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कुणाल किशोर की कृति जबतक धरती रहेगी, याद की जायेगी। जाहिर है कि वे मर कर भी इस पृथ्वी पर अमर रहेंगे।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page