सरकारी कर्मियों का डीए पांच फीसदी बढ़ा
कैबिनेट की बैठक में 19 एजेंडों पर लगी मुहर
रोजगार सृजन को खुलेंगे तीन नये विभाग
खान एवं भू-तत्व निदेशालय का दो निदेशालयों में होगा पुनर्गठन
कुष्ठ रोगियों को भी मिलेंगे भूमि दस्तावेज लेखक के लाइसेंस
पटना।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 19 एजेंडों पर मुहर लगी। कैबिनेट की मीटिंग में राज्य के सरकारी कर्मियों (छठा वेतनमान) का महंगाई भत्ता बढ़ाने पर फैसला हुआ। सरकारी सेवकों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते में पांच फीसद का इजाफा किया गया है। एक जुलाई 2025 से 252 प्रतिशत की जगह 257 फीसद डीए मिलेगा।
आम जनों के दायित्वों को पूरा करने के लिए वर्तमान में 45 विभाग के तहत सरकार काम कर रही थी, अब तीन नए विभागों का गठन किया जाएगा। इस पर कैबिनेट में मुहर लगी है। तीन नए विभागों में युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सिविल विमानन विभाग का गठन किया जाएगा। कई विभागों के नाम बदले पशु और मत्स्य संसाधन विभाग का नाम डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, श्रम संसाधन विभाग का नाम श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग तथा कला संस्कृति एवं युवा विभाग का नाम कला एवं सांस्कृतिक विभाग किया जाएगा।
तकनीकी विकास निदेशालय का नाम बदलकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय किया जाएगा. इसकी मंजूरी आज (मंगलवार) कैबिनेट की बैठक में दे दी गई है। युवाओं के सशक्तीकरण एवं हुनर विकास के लिए ‘विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम’ संचालित करने के लिए बिहार सरकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड मुंबई के साथ समझौता करेगी। इसका एमओयू साइन करने की स्वीकृति का निर्णय आज की बैठक में लिया गया है।
दूसरी ओर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र को अनुकंपा पर नौकरी देने के संबंध में कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई. गयाजी और मुंगेर जिले को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित किया गया है। वाल्मीकि नगर में बाघों की सुरक्षा के लिए वाल्मीकि ‘व्याघ्र आरक्ष फाउंडेशन न्यास’ का गठन किया जाएगा. इसके लिए 15 करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट में मिली है। वहीं पटना चिड़ियाखाना (संजय गांधी जैविक उद्यान) में प्रवेश टिकट का दाम बढ़ेगा। दरअसल प्रवेश शुल्क, दंड शुल्क, प्रयोजन, अनुदान एवं दान, दत्तक की निधि सहित संसाधनों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति संशोधन नियमावली 2025 के गठन से कुष्ठ रोगियों को भी भूमि निबंधन के लिए दस्तावेज लेखक की अनुज्ञप्ति दी जायेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में भूमि निबंधन से संबंधित दस्तावेजों को तैयार करने के लिए दस्तावेज लेखकों के लिए बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली 1968 अधिसूचित है, लेकिन वर्तमान में बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली 1996 प्रभावी है। बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली 1968 को अब तक समाप्त नहीं किया गया है। बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली 1968 को खत्म करने के लिए बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली 1996 में संशोधन करने के लिए बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति संशोधन नियमावली 2025 गठन करने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार खान एवं भू-तत्व निदेशालय को दो निदेशालय खान निदेशालय एवं अन्वेषण निदेशालय में पुनर्गठित करने का फैसला किया गया है। साथ ही खान निदेशालय को दो उपनिदेशालय, खनन उप निदेशालय तथ सुरक्षा उप निदेशालय में पुनर्गठित करने का फैसला किया गया है। इसके संचालन के लिए विभिन्न पदों के सृजन और पुनर्गठन से अन्वेषण कार्य में गति आयेगी। वृहत खनिज एवं लघु खनिज के खनन पट्टों की सुरक्षा तथा अवैध खनन,परिवहन तथा भंडारण के खिलाफ कार्रवाई में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

