एमएस कॉलेज और डायट भवन में होगी काउंटिंग, सुरक्षा कड़ी
मोतिहारी। जिला प्रशासन ने मतगणना की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। 14 नवंबर को सुबह सात बजे से मतगणना शुरू होगी। परिणामों के रुझान सुबह 9ः15 से आने की संभावना है। 12 विधानसभा क्षेत्र के लिए दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें एमएस कॉलेज तो दूसरा टायट भवन है। इन दिनों जगहों पर छह छह विधानसभा क्षेत्र की मतगणना होगी। सुरक्षा-व्यवस्था इतनी सख्त होगी कि मतगणना केंद्र के आसपास आम लोगों की आवाजाही संभव नहीं होगी। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी और शुरुआती रुझान दोपहर से पहले सामने आने की संभावना है। प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा बलों की तैनाती से पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण संपन्न कराने की योजना है।
पूर्वी चंपारण की सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या इस बार मुकाबले को और उलझा रही है। कल्याणपुर और पीपरा में 11-11 उम्मीदवार, केसरिया और ढाका में 10-10 उम्मीदवार, जबकि गोविंदगंज और मधुबन में 8-8 दावेदार मैदान में हैं। मोतिहारी, हरसिद्धि, नरकटिया और चिरैया में छह-छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि रक्सौल और सुगौली में पांच-पांच लोग मैदान में हैं। इतनी अधिक संख्या में प्रत्याशी होने के कारण वोटों का बिखराव स्वाभाविक है, जो किसी भी सीट पर परिणाम को अप्रत्याशित बना सकता है।
रिकॉर्ड मतदान के कारण चुनावी रणनीतिकारों की चिंता बढ़ी है। 2020 के मुकाबले इस बार मतदान में भारी बढ़ोतरी को लेकर विश्लेषकों का कहना है कि बढ़े हुए मतदान की दिशा किसके लिए अनुकूल होगी, इसका अनुमान लगाना बेहद कठिन है। कई सीटों पर त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की चर्चा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में मुकाबला दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सिमटने की बात भी कही जा रही है।
बढ़ा हुआ मतदान आमतौर पर सत्ता परिवर्तन का संकेत माना जाता है, लेकिन पूर्वी चंपारण जैसे विविधतापूर्ण जिले में इसका असर कई स्तरों पर अलग-अलग दिख सकता है। राजनीतिक दलों के दफ्तरों में वोटिंग के बाद का गणित तेज हो गया है। उम्मीदवार बूथों के पोलिंग एजेंटों से मिली जानकारी के आधार पर अपने संभावित वोटबैंक का आकलन कर रहे हैं। वोटिंग का विश्लेषण, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी, जातीय समीकरण स्थानीय मुद्दों के असर जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जीत-हार की बात करते नजर आ रहे हैं।

