बिहार में ई-कैबिनेट व्यवस्था से फैसले लेने की प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी : सम्राट चौधरी

बिहार में ई-कैबिनेट व्यवस्था से फैसले लेने की प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी : सम्राट चौधरी
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-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और एआई के इस्तेमाल पर दिया जोर- कागजरहित प्रशासन की दिशा में बढ़ेगा राज्य

पटना। बिहार में ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में इसके कार्यान्वयन और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इससे कैबिनेट की निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और सरकारी कामकाज में तेजी आएगी। कैबिनेट से संबंधित फाइलों का आदान-प्रदान पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए जाने से उनके निष्पादन में लगने वाला समय कम होगा।

इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।सम्राट चौधरी ने ई-कैबिनेट व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था कागजरहित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह व्यवस्था बिहार में सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।बैठक में राज्य की कैबिनेट कार्यप्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित और पेपरलेस बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ई-कैबिनेट व्यवस्था और उसके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

anand prakash

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