एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,1.970 किलो चरस के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
सुगौली के बंगरा ओवरब्रिज के पास वाहन जांच में मिली सफलता
सुगौली। थाना क्षेत्र में एसटीएफ नारकोटिक्स सेल, पटना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान चरस जैसे पदार्थ बरामद की गई है।
जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। एसडीपीओ सदर-1 दिलीप कुमार ने बताया कि 1.970 किलोग्राम चरस जैसे मादक पदार्थ के साथ तीन तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से दो मोबाइल और तीन नेपाली सिम भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि 2 नवंबर की रात करीब 8:40 बजे एसटीएफ नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति रक्सौल से ट्रेन के रास्ते सुगौली रेलवे स्टेशन आने वाला है।
जो अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहा है। एसडीपीओ ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01, पुलिस निरीक्षक सुगौली अंचल मुन्ना कुमार, थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह एवं सशस्त्र बल की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने बंगरा ओवरब्रिज के नीचे वाहन जांच और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को देख कर तस्कर भागने का प्रयास करने लगे। बावजूद एक संदिग्ध को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके झोले से चार पैकेट में रखे कुल 1.970 किलोग्राम चरस जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ।
जिससे पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर मामले में संलिप्त दो अन्य लोगों को भिन्न-भिन्न जगहों से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि चरस सप्लाई करने वाले सिंडिकेट के मुख्य सरगना के बारे में जानकारी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्करों की पहचान गुड्डू साह (35) निवासी नायक टोला, थाना हरपुर, रक्सौल, रामबालक बैठा (55), निवासी लक्ष्मीपुर,थाना सिकटा,पश्चिम चंपारण, वर्तमान पता गंडक चौक, बीरगंज,नेपाल और डोरा राय (55) निवासी मधुआही, थाना घोड़ासहन के रूप में हुई है।
छापेमारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार, पुलिस निरीक्षक मुन्ना कुमार, सुगौली थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह,पुअनि कृष्ण मुरारी सहित जिला आसूचना इकाई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अलबत्ता गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

