पंटोका में एसएसबी ने लगाया बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर, ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार
मशरूम फार्मिंग प्रशिक्षण का शुभारंभ, नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया नशामुक्ति का संदेश
रक्सौल। 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रक्सौल की ओर से नागरिक कल्याण एवं मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र के ग्राम पंटोका स्थित वाइब्रेंट विलेज में बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पश्चिमी चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
इसके बाद विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर में एसएसबी के अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
47वीं वाहिनी एसएसबी एवं एसआरपी अस्पताल, रक्सौल के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक स्तर पर निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें विभिन्न रोग के चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मरीजों के बीच निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में पंटोका, धुपवाटोला, भरतमही, महादेवा, सेनुवरिया और रक्सौल बाजार सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराकर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। इसके अतिरिक्त
पशु चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक परामर्श दिए गये और निःशुल्क दवाइयां वितरित की गई।जबकि मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम भरतमही स्थित वाइब्रेंट विलेज के 15 युवा-युवतियों के लिए आयोजित 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर कोर्स का समापन किया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को डिजिटल ज्ञान और तकनीकी कौशल से जोड़ने का प्रयास किया गया, ताकि वे भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। शिविर के दौरान मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत ग्राम सेनुवरिया एवं कंगली स्थित वाइब्रेंट विलेज के नागरिकों के लिए 15 दिवसीय मशरूम फार्मिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन की तकनीक से अवगत कराना तथा उन्हें स्वरोजगार और अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मशरूम उत्पादन कम जगह में भी किया जा सकने वाला व्यवसाय है। इसके प्रशिक्षण से ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए विकल्पों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त भारत अभियान भी चलाया गया। सरस्वती विद्या मंदिर एवं डंकन अस्पताल के नर्सिंग स्कूल के छात्र-छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रदर्शित करते हुए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डॉ. सुजीत कुमार ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नशे से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। जबकि समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। मुख्य अतिथि सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने सभा को संबोधित करते हुए बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर के आयोजन और 47वीं वाहिनी एसएसबी की ओर से किए जा रहे विभिन्न कार्यों की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख किया तथा हाल ही में सीमा पर नशीले पदार्थों की बड़ी खेप जब्त किए जाने के लिए वाहिनी के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के माध्यम से सीमावर्ती गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर 47वीं वाहिनी एसएसबी, रक्सौल के कमांडेंट संजय पाण्डेय, कमांडेंट चिकित्सा डॉ. निशिकांत, उप कमांडेंट आमोद, उप कमांडेंट नवीन कुमार साह, रक्सौल के एसडीएम नागमणि कुमार वर्मा, एसआरपी अस्पताल के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. सुजीत कुमार, सहायक कमांडेंट दिनकर त्रिपाठी और सहायक कमांडेंट अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

